बारिश में भागलपुर डूबा तो अब 1 घंटे में मिलेगा रास्ता! दो सप्ताह अलर्ट मोड में नगर निगम, पंप-सक्शन मशीनें रहेंगी तैयार

भागलपुर शहर में अतिवृष्टि और जलजमाव से निपटने के लिए नगर निगम ने नया एक्शन प्लान तैयार किया है. निगम का दावा है कि बारिश के बाद किसी भी इलाके में जलजमाव की स्थिति होने पर एक घंटे के भीतर उसे खत्म करने की कोशिश की जाएगी. यह योजना अगले दो हफ्तों तक लागू रहेगी, जिसमें अधिकारी और कर्मचारी अलर्ट मोड में रहेंगे.

Bhagalpur News: भागलपुर. शहर में लगातार बारिश और अतिवृष्टि के बीच जलजमाव से परेशान लोगों के लिए नगर निगम ने अब नया एक्शन प्लान तैयार किया है. निगम ने दावा किया है कि बारिश के बाद किसी इलाके में पानी जमा होने पर एक घंटे के भीतर जलजमाव खत्म करने की कोशिश की जायेगी. इसके लिए अगले दो सप्ताह तक निगम के अधिकारी और कर्मचारी अलर्ट मोड में रहेंगे.

सबसे खास बात यह है कि जलजमाव की शिकायत मिलने के बाद सिर्फ निरीक्षण तक मामला सीमित नहीं रहेगा. नाली की सफाई से लेकर गाद हटाने, कच्चा नाला बनाने और जरूरत पड़ने पर पंप व सक्शन मशीन लगाने तक की व्यवस्था मौके की स्थिति के अनुसार की जायेगी.

अब सवाल यह है कि बारिश के बाद भागलपुर की सड़कों पर जमा पानी कितनी जल्दी हटता है और निगम का यह दावा जमीन पर कितना असरदार साबित होता है.

बारिश के बाद सिर्फ एक घंटे का इंतजार

नगर निगम ने जलजमाव को लेकर जो व्यवस्था बनायी है, उसमें एक घंटे के भीतर जलजमाव खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. जलजमाव की सूचना मिलते ही संबंधित कर्मियों को मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू करनी होगी.

जहां नालियां जाम होंगी, वहां सफाई और गाद की निकासी करायी जायेगी. जरूरत पड़ने पर कच्चा नाला बनाकर पानी की निकासी की जायेगी. किसी इलाके में ज्यादा पानी जमा होने की स्थिति में डीवाटरिंग पंप और सक्शन मशीन का इस्तेमाल किया जायेगा.

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि बारिश के बाद शहर की सड़कें और गलियां लंबे समय तक पानी में डूबी न रहें.

अगले दो सप्ताह तक वार्डों में होगी निगरानी

नगर निगम ने अगले दो सप्ताह तक वार्डवार शाखा प्रभारी, कर्मी और स्वच्छता साथियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है. ये कर्मचारी अपने-अपने वार्ड में नियमित भ्रमण करेंगे और उन स्थानों पर विशेष नजर रखेंगे, जहां बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या ज्यादा होती है.

जलजमाव की स्थिति सामने आने पर वार्ड में तैनात कर्मी संबंधित उप नगर आयुक्त, नगर प्रबंधक और जोनल प्रभारी से संपर्क करेंगे. इसके बाद आवश्यक संसाधनों को मौके पर भेजकर पानी निकालने की कार्रवाई शुरू की जायेगी.

हर 10 वार्ड पर एक अधिकारी की जिम्मेदारी

निगम ने निगरानी को लेकर अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की है. हर 10 वार्ड पर उप नगर आयुक्त और नगर प्रबंधक स्तर के अधिकारी नजर रखेंगे.

इन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जलजमाव की सूचना मिलने के बाद एक घंटे से कम समय में कार्रवाई शुरू हो जाये. यानी अब सिर्फ शिकायत दर्ज होने और टीम पहुंचने के बीच लंबा इंतजार नहीं होना चाहिए.

हालांकि, शहर के लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल निगरानी को लेकर है. आम नागरिकों का कहना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों को वार्ड में वास्तव में कितना सक्रिय रखा जाता है, इसकी भी नियमित मॉनीटरिंग जरूरी है. सिर्फ कागज पर भ्रमण और अलर्ट रहने से जलजमाव की समस्या खत्म नहीं होगी.

पंप और सक्शन मशीन पहले से रहेंगी तैयार

जलजमाव से निपटने के लिए निगम ने जरूरी संसाधनों को पहले से तैयार रखने का निर्देश दिया है. डीवाटरिंग पंप, सक्शन मशीन और डी-सिल्टिंग मशीन को जरूरत वाले इलाकों में तत्काल भेजने की व्यवस्था की जायेगी.

एपीएसडब्ल्यूएमओ, प्रभारी स्वास्थ्य शाखा, भंडारपाल और सभी जोनल प्रभारियों को जलजमाव वाले स्थानों पर पर्याप्त संख्या में उपकरण उपलब्ध रखने को कहा गया है.

इसका सीधा फायदा यह होगा कि पानी जमा होने के बाद उपकरण जुटाने में समय बर्बाद नहीं होगा और जलनिकासी का काम तुरंत शुरू किया जा सकेगा.

गाद हटाने के लिए तैयार रहेगी क्यूआरटी

कई इलाकों में जलजमाव का बड़ा कारण नालियों में जमा गाद और कचरा होता है. इसे देखते हुए निगम ने क्यूआरटी यानी त्वरित कार्रवाई दल तैयार करने का निर्देश दिया है.

क्यूआरटी के साथ पर्याप्त संख्या में मजदूर भी रहेंगे. जलजमाव वाले स्थान से सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचकर नालियों की सफाई, गाद हटाने या कच्चे नाले की खुदाई का काम शुरू कर सकेगी.

इससे उन इलाकों में भी पानी निकालने की कोशिश तेज होगी, जहां केवल पंप लगाने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता.

असली परीक्षा बारिश के दौरान होगी

नगर निगम की यह तैयारी ऐसे समय में सामने आयी है, जब भागलपुर में बारिश के बाद कई इलाकों में जलजमाव लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित कर रहा है. सड़क पर पानी भरने से पैदल चलने वालों, दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को परेशानी होती है. लंबे समय तक पानी जमा रहने पर गंदगी और संक्रमण का खतरा भी बढ़ता है.

ऐसे में निगम का एक घंटे में जलजमाव खत्म करने का लक्ष्य लोगों के लिए राहत की उम्मीद पैदा करता है. लेकिन इसकी असली परीक्षा अगली तेज बारिश के दौरान होगी.

क्या टीम समय पर मौके पर पहुंचती है? क्या पंप और सक्शन मशीन वास्तव में उपलब्ध रहती हैं? क्या नालियों की गाद समय पर हटती है? और सबसे अहम, क्या एक घंटे के भीतर पानी निकल पाता है? इन सवालों के जवाब ही तय करेंगे कि निगम की यह नई व्यवस्था जमीन पर कितनी प्रभावी है.

Bhagalpur News: प्रशासन की जवाबदेही भी तय

नगर निगम ने इस बार सिर्फ संसाधन उपलब्ध कराने के बजाय अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय की है. हर 10 वार्ड पर अधिकारियों की निगरानी और एक घंटे से कम समय में कार्रवाई शुरू करने का निर्देश इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

अब जरूरत इस बात की है कि इस पूरी व्यवस्था की नियमित मॉनीटरिंग भी हो. अगर किसी वार्ड में टीम समय पर नहीं पहुंचती या संसाधनों के अभाव में जलनिकासी में देरी होती है, तो उसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए. तभी बारिश के दौरान भागलपुर के लोगों को वास्तविक राहत मिल सकेगी.

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लेखक के बारे में

By ब्रजेश नंदन माधुर्य

ब्रजेश नंदन माधुर्य प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. स्वच्छता व ई-कॉमर्स में रुचि रखते हैं.

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