राघोपुर में गंगा के कटाव से जंग; जल संसाधन विभाग ने पहली बार उतारे दो मालवाहक जहाज, सीधे नदी के रास्ते पहुंचाई जा रही कटावरोधी सामग्री

गंगा नदी के बढ़ते कटाव को रोकने के लिए जल संसाधन विभाग ने राघोपुर में अनोखी और आपातकालीन रणनीति अपनाई है. इतिहास में पहली बार, दो बड़े मालवाहक जहाजों का उपयोग करके कटावरोधी सामग्री सीधे नदी के रास्ते संवेदनशील स्थलों तक पहुंचाई जा रही है.

भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत राघोपुर इलाके में गंगा नदी के विकराल कटाव को रोकने के लिए जल संसाधन विभाग ने अनूठी और आपातकालीन रणनीति अपनाई है. गंगा की तेज धारा जब तटवर्ती उपजाऊ जमीन और आबादी को निगलने पर आमादा हुई, तो विभाग ने पानी के रास्ते ही सीधा मोर्चा खोल दिया.

राघोपुर में कटावरोधी कार्य को गति देने के लिए इतिहास में पहली बार दो बड़े मालवाहक जहाजों (कार्गो वेसल्स) को मैदान में उतारा गया है. इन जहाजों के माध्यम से भारी मात्रा में कटावरोधी सामग्री को नदी के रास्ते सीधे अतिसंवेदनशील कटाव स्थल तक पहुंचाया जा रहा है.

सड़क मार्ग हुआ था दुर्गम, नदी परिवहन बना तारणहार

राघोपुर क्षेत्र में गंगा की मुख्य धारा सीधे किनारे से टकरा रही थी, जिससे तटबंध और तटीय जमीन लगातार भरभराकर नदी में समा रही थी.

बाढ़ और पानी के फैलाव के कारण सड़क मार्ग से भारी निर्माण व कटावरोधी सामग्री (जैसे बोल्डर, सैंड बैग्स और जियो बैग्स) को मौके तक पहुंचाना लगभग नामुमकिन हो गया था. समय की बर्बादी रोकने के लिए विभाग ने जलमार्ग का सहारा लिया और दो बड़े मालवाहक जहाजों को तैनात कर सामग्री की निर्बाध आपूर्ति शुरू कराई.

छोटी नावों की जगह जहाजों का इस्तेमाल क्यों पड़ा भारी?

जल संसाधन विभाग के अभियंताओं के अनुसार, उफनती गंगा में छोटी देसी नावों से सामग्री ढोना न केवल बेहद जोखिम भरा था, बल्कि उसमें समय भी बहुत अधिक लग रहा था.

  • एक साथ भारी क्षमता: मालवाहक जहाज एक ही बार में भारी मात्रा में पत्थरों और बोरियों को ढोकर सीधे कटाव वाले पॉइंट के करीब पहुंच रहे हैं.
  • तेज बहाव में स्थिरता: शक्तिशाली इंजनों से लैस ये जहाज गंगा की तेज लहरों और बहाव के दबाव में भी स्थिरता बनाए रखते हैं, जिससे सामग्री को बिना बहाए ठीक कमजोर हिस्सों पर डंप करना आसान हो रहा है.
  • समय की बचत: इससे बार-बार सामग्री लादने और उतारने के फेर से राहत मिली है और सीधे संवेदनशील स्परों व तटों को सुरक्षित किया जा रहा है.

स्थानीय लोगों के लिए नया अनुभव, राहत की जगी आस

राघोपुर के ग्रामीणों का कहना है कि कटाव की इस विभीषिका के बीच उन्होंने पहली बार इतने बड़े पैमाने पर आधुनिक जहाजों के जरिए कटावरोधी कार्य होते देखा है.

पिछले कई दिनों से कट रहे अपने आशियाने और खेतों को लेकर ग्रामीण भारी दहशत में थे. अब सीधे जहाजों से सामग्री की तेज आपूर्ति और चौबीसों घंटे चल रहे बचाव कार्य से स्थानीय लोगों में कटाव थमने की उम्मीद जगी है. क्षेत्रवासी अब इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि विभाग की यह नई रणनीति गंगा के रौद्र रूप को शांत करने में कितनी सफल रहती है.

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By Vipin Thakur

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