राघोपुर नाव हादसे पर पूर्व सांसद बोले : लापरवाही का विरोध राजनीति नहीं, इंसानियत और जिम्मेदारी

राघोपुर में तटबंध मरम्मत के दौरान हुए नाव हादसे को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने मजदूरों की सुरक्षा, लाइफ जैकेट की उपलब्धता और काम की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.

गोपालपुर : राघोपुर में कटे तटबंध की मरम्मत के दौरान नाव हादसे में मजदूरों के लापता होने की घटना को लेकर पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाये हैं. उन्होंने कहा कि गलत नीयत और लापरवाही का विरोध करना राजनीति नहीं, बल्कि इंसानियत और जिम्मेदारी है.

पूर्व सांसद ने कहा कि राघोपुर में तटबंध मरम्मत के दौरान हुआ नाव हादसा बेहद झकझोरने वाला है. सवाल यह है कि जब गंगा का बहाव इतना तेज और विकराल था, तब मजदूरों से नाव के जरिये काम क्यों और किस परिस्थिति में कराया जा रहा था. सोशल मीडिया पर सामने आये वीडियो का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर नदी का बहाव कितना खतरनाक था, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है.

बिना लाइफ जैकेट मजदूरों को नाव पर भेजने पर सवाल

उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाये. पूर्व सांसद के अनुसार:

  • बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के मजदूरों को नाव पर भेजने की अनुमति किसने दी?
  • क्या मजदूरों को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराये गये थे?
  • ओवरलोड नाव से मिट्टी और बालू ढोने का काम किसकी निगरानी में कराया जा रहा था?
  • उफनती गंगा के बीच इस तरह काम कराने की अनुमति किस स्तर से मिली?

उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि मजदूरों की सुरक्षा से ज्यादा काम जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया. यदि परिस्थितियां इतनी खतरनाक थीं तो काम शुरू करने से पहले मजदूरों की सुरक्षा और कार्य की व्यवहारिकता पर विचार किया जाना चाहिए था.

मृत मजदूर के परिजन को एक करोड़ मुआवजे की मांग

पूर्व सांसद ने कहा कि हादसे में एक गरीब मजदूर की जान चली गयी और उसके परिवार का सहारा छिन गया. उन्होंने सरकार से मृत मजदूर के आश्रितों को कम से कम एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की.

ठेकेदार पर प्राथमिकी की मांग

उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि डीएम के निर्देश के बावजूद अब तक ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं होना भी गंभीर सवाल खड़ा करता है. उन्होंने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की.

‘हर सवाल राजनीति नहीं होता’

पूर्व सांसद ने कहा कि हर सवाल को राजनीति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. कुछ सवाल इंसानियत के, कुछ मजदूर की जिंदगी के और कुछ व्यवस्था की जवाबदेही के होते हैं. उन्होंने कहा कि यदि गलत नीयत और लापरवाही का विरोध करना राजनीति है, तो वे इसका विरोध करते रहेंगे.

उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में मजदूरों की जान को इस तरह जोखिम में न डाला जाए.

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By Vipin Thakur

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