bhagalpur news. टीएमबीयू की एक गलती से प्रमोशन प्राप्त 50 से अधिक सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसरों का पीवीसी अटका
टीएमबीयू की एक गलती से परेशानी.
By KALI KINKER MISHRA | Updated at :
— वेतन सत्यापन कोषांग ने उन शिक्षकों से मांगा सिंडिकेट से अनुमोदित सेवा संपुष्टि का पत्रआरफीन , भागलपुरटीएमबीयू के अधिकारियों के कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगा है. विवि की एक गलती से असिस्टेंट प्रोफेसर से सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर में प्रमोशन प्राप्त शिक्षकों का वेतन सत्यापन कोषांग (पीवीसी) अटक गया है. विभिन्न विषयों के 50 से अधिक सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर का मामला फंसा है. इसके अलावा जिन्हें प्रमोशन नहीं मिला है, उन शिक्षकों का भी पीवीसी अटका है. दरअसल, वेतन सत्यापन कोषांग पटना ने उन शिक्षकों से सिंडिकेट से अनुमोदित सेवा संपुष्टि का पत्र मांगा है, जो उन शिक्षकों के पास नहीं है. मामले को लेकर विवि के सभी अंगीभूत कॉलेज व पीजी के शिक्षकों की परेशानी बढ़ा दी है. इस बाबत कॉलेजों के शिक्षक विवि का चक्कर लगा रहे हैं. उधर, विवि के अधिकारी ने नाम नहीं छापने के शर्त पर कहा कि मामले में जल्द ही सिंडिकेट की बैठक में एजेंडा को रखा जायेगा. जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन सिंडिकेट की बैठक बुलायी जा सकती है.
प्रभात नॉलेज
विवि के अनुसार वर्ष 2019 बैच के करीब 72 शिक्षकों के सेवा संपुष्टि का पत्र विवि प्रशासन ने वर्ष 2022 के आठ अगस्त जारी की थी. पत्र में कंफर्मेशन कमेटी व सिंडिकेट की प्रति आशा का जिक्र करते हुए उन शिक्षकों की सेवा संपुष्टि की गयी थी. लेकिन विवि प्रशासन न तो कंफर्मेशन कमेटी की बैठक बुलायी और न ही सिंडिकेट की बैठक में सेवा संपुष्टि को अनुमोदित कराया. हालांकि विवि में सिंडिकेट की कई बैठक हुई. लेकिन विवि प्रशासन एजेंडा में इसे शामिल करना भूल गया. इसी बीच उन शिक्षकों को विवि से सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर में प्रोन्नति दी गयी. हालांकि कुछ शिक्षकों का अर्हता पूरा नहीं होने पर प्रमोशन नहीं दिया जा सका.
प्रभारी कुलपति को मामले के निष्पादन को लेकर दिये आवेदन
एसएम कॉलेज सहित अन्य कॉलेजों के शिक्षकों ने प्रभारी कुलपति को आवेदन देकर मामले का निराकरण कराने का आग्रह किया है. आवेदन में कहा कि वेतन सत्यापन कोषांग ने वेतन सत्यापन के क्रम में आपत्ति दर्ज करायी है. उक्त तिथि में सेवा संपुष्टि को लेकर सिंडिकेट के अनुमोदित की प्रति की मांग की जा रही है. अनुरोध किया कि जल्द ही मामले का निराकरण की जाये. शिक्षकों ने रजिस्ट्रार, सिंडिकेट व सीनेट सदस्यों को भी आवेदन दिया है.
विवि प्रशासन त्वरित मामले का निष्पादन करने का अनुरोध- सीनेटर
विवि के सीनेटर डॉ आनंद शंकर ने कहा कि मामले में विवि प्रशासन से आग्रह किया गया कि उन शिक्षकों की समस्या का निष्पादन त्वरित की जाये. उन्होंने कहा कि सभी कॉलेजों से करीब 72 शिक्षकों ने उक्त मामले में जानकारी दी है. इसमें करीब 50 से अधिक ऐसे शिक्षक है, जिन्हें सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर में प्रमोशन दिया गया है.
प्रमोशन को लेकर वेतन में हुई राशि नहीं मिलेगी –
कॉलेजों के शिक्षकों ने कहा कि जिनका प्रमोशन हो चुका है. उन्हें अप्रैल में बढ़ोतरी वेतन मिल सकता है. ऐसे में उनलोगों का सेवा संपुष्टि नहीं होने से प्रमोशन के बाद भी इसका लाभ नहीं मिलेगा. क्योंकि वेतन सत्यापन कोषांग से पीवीसी आने का इंतजार करना पड़ेगा. तब तक पुराना वेतन ही मिलेगा.