भागलपुर स्थित आईएमए (IMA) हॉल में रविवार को 'राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम' (NTEP) तथा 'नि-क्षय मित्र' पहल के तहत एक विशेष पोषण सहायता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान टीबी (TB) का इलाज करा रहे 20 मरीजों के बीच प्रोटीन युक्त फूड बास्केट (Protein Food Basket) का वितरण किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएमए भागलपुर की अध्यक्ष डॉ. रोमा यादव ने की.
पोषण से बढ़ेगी रोग प्रतिरोधक क्षमता: डॉ. रोमा यादव
समारोह की अध्यक्षता करते हुए आईएमए की जिलाध्यक्ष डॉ. रोमा यादव ने टीबी के इलाज में खान-पान और न्यूट्रिशन के महत्व को रेखांकित किया:
"टीबी के इलाज में दवाओं के साथ-साथ संतुलित और प्रोटीन युक्त पोषण की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है. उचित आहार मिलने से मरीजों की इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) तेजी से विकसित होती है, जिससे दवाइयों का असर अधिक प्रभावी हो जाता है और मरीज जल्दी स्वस्थ होते हैं."
'नि-क्षय मित्र' से घटेगा परिवारों का आर्थिक बोझ
आईएमए के सचिव डॉ. अरशद अहमद ने बताया कि केंद्र सरकार की 'नि-क्षय मित्र' योजना टीबी पीड़ितों के लिए वरदान साबित हो रही है:
- सामुदायिक सहयोग: इस पहल के जरिए समाज और संस्थाएं आगे आकर मरीजों को पोषण सहायता प्रदान कर रही हैं.
- आर्थिक राहत: इससे मरीजों के स्वास्थ्य में तो तेजी से सुधार आता ही है, साथ ही उनके गरीब परिवारों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी काफी हद तक कम हो जाता है.
टीबी उन्मूलन के लिए दवा के साथ नियमित परहेज जरूरी
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों ने उपस्थित टीबी मरीजों को नियमित दवा सेवन और चिकित्सकीय परामर्श का पूरी तरह पालन करने के लिए प्रेरित किया:
- डॉ. बीना सिन्हा ने कहा कि देश को टीबी मुक्त बनाने के अभियान में समाज की सक्रिय भागीदारी बहुत जरूरी है.
- डॉ. अशोक भगत ने मरीजों की मदद के लिए आगे आने वाले सभी 'नि-क्षय मित्रों' का आभार जताया.
- डॉ. दीनानाथ, डॉ. प्रीति एवं डॉ. विकाश चंद्र ने मरीजों को सही आहार शैली अपनाने के टिप्स दिए.
ये चिकित्सक रहे मौजूद
कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन आईएमए सचिव डॉ. अरशद अहमद ने किया. इस अवसर पर भागलपुर के कई वरिष्ठ चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी और टीबी मरीज उपस्थित रहे.
