Bhagalpur News. जलापूर्ति योजना में सबसे बड़ी बाधा निजी जमीन, फतेहपुर की 1.02 एकड़ जमीन होगी अर्जित

निजी जमीन जलापूर्ति योजना की बड़ी बाधा.

हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना अब गंगाजल पर निर्भर हो गयी है. इसके लिए इंटकवेल तक पानी लाने के उद्देश्य से अप्रोच चैनल निर्माण अनिवार्य माना गया है. सबसे बड़ी चुनौती यह है कि प्रस्तावित चैनल का मार्ग निजी जमीन से होकर गुजरता है. इस कारण जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गयी है. जिला भू-अर्जन कार्यालय ने इसके लिए सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआइए) की अधिसूचना जारी कर दी है. अधिसूचना के अनुसार सबौर प्रखंड के मौजा फतेहपुर में कुल 1.0275 एकड़ भूमि अर्जित की जानी है. इसमें सात खाता-खेसरा को चिह्नित किया गया है.

आकलन प्रक्रिया के तहत विभाग ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण स्तर पर रैयतों और प्रभावित भूधारियों से विस्तृत मंत्रणा की जायेगी. इसके साथ ही प्रभावित स्थल का भौतिक निरीक्षण और लोक सुनवाई भी अनिवार्य होगी.

अधिकारियों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण की यह कार्रवाई पारदर्शी ढंग से पूरी की जायेगी ताकि रैयतों को उचित मुआवजा सुनिश्चित हो सके. वहीं, आमलोगों को उम्मीद है कि बाधाएं दूर होने के बाद गंगा जलापूर्ति योजना तेज गति से आगे बढ़ेगी और शहर में हर घर तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा.

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By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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