Bhagalpur News. छठ घाटों की तैयारियों पर मेयर ने जताया संतोष, कई घाटों पर सुविधाएं अधूरी

मेयर ने छठ घाटों का किया निरीक्षण.

-कुछ घाटों को छोड़ विभिन्न घाट शाम के अर्घ के समय तक तैयार हो पाना मुमकिन नहीं

मेयर डॉ बसुंधरा लाल ने सभी छठ घाटों का निरीक्षण किया और दलदल वाले स्थानों को समतल करने एवं चूना के छिड़काव का निर्देश दिया. हालांकि, उन्होंने इस तरह का निर्देश दुर्गापूजा और दिवाली के समय भी दिया था, लेकिन पूर्ण समाधान नहीं हो पाया था.

छठ को लेकर पुनः निर्देश दिया गया है, लेकिन कार्य की प्रगति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पायी है. बावजूद, इसके उन्होंने निरीक्षण के उपरांत संतोष व्यक्त किया है, जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि कई छठ घाटों पर सुविधाएं अधूरी है. पहला अर्घ तक सभी 60 छठ घाटों पूरी तरह से तैयार कर पाना मुमकिन नहीं है. मेयर ने पार्षदों और निगम अधिकारियों की टीम के साथ निरीक्षण किया है. वह बूढ़ानाथ घाट, मुसहरी घाट, बरारी घाट और लंच घाट सहित अन्य महत्वपूर्ण घाटों पर समतलीकरण, रोशनी की व्यवस्था, बैरिकेडिंग और श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से संबंधित तैयारियों का जायजा लिया. व्रतियों और श्रद्धालुओं को सुविधा देने के लिए सभी घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों और घाट परिसर में पर्याप्त एलईडी लाइट्स लगाने के कार्य का जायजा लिया गया. अस्थायी चेंजिंग रूम, पीने के पानी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की समीक्षा की गयी. मेयर ने बताया कि निगम के सभी कर्मचारी छुट्टी रद्द कर चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं. निरीक्षण दल में पार्षद पंकज कुमार गुप्ता, नुसरत, पार्षद प्रतिनिधि जहांगीर, नंदगोपाल, जोनल प्रभारी, नगर प्रबंधक, स्वास्थ्य पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

ये निर्देश दिए

सफाई और स्वच्छता: दलदल वाले स्थानों को पूरी तरह से समतल किया जाये और चूने का छिड़काव सुनिश्चित करेंगे.

सुरक्षा व्यवस्था: गहरे पानी वाले क्षेत्रों में मजबूत बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने और खतरनाक घाटों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल एवं गोताखोरों की तैनाती करेंगे.

स्थिति कहीं कसाल नहीं बिछी है तो कहीं बालू तक नहीं गिरा

निरीक्षण के दौरान मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने तैयारी पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि निगम की टीम सराहनीय कार्य कर रही है. हालांकि, वास्तविक स्थिति इससे अलग है. कई स्थानों पर दलदली मिट्टी पर बालू नहीं डाला गया और कहीं-कहीं कसाल भी बिछा नहीं है. जहाज घाट की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि वहां केवल निगम कर्मियों का दौरा हुआ है, लेकिन सुविधा व्यवस्था अभी तक पूरी तरह बहाल नहीं की गयी है.

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By KALI KINKER MISHRA

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