-रामनवमी तिथि लेकर श्रद्धालुओं में उहापोह की स्थिति, उदया तिथि के अनुसार 27 को
रामनवमी पूजा के रंग में भागलपुर रंगने लगा है. हालांकि, रामनवमी तिथि को लेकर श्रद्धालुओं में उहापोह की स्थिति है. उदया तिथि के अनुसार 27 को अधिकांश जगहों पर रामनवमी मनायी, वहीं कुछ लोग 26 मार्च को श्रीराम की शोभायात्रा निकालेंगे. रामनवमीं पर रामधुन संकीर्तन, तो कहीं भजन का आयोजन होगा. इसे लेकर शहर के हनुमान मंदिरों में रंग-रोगन व अन्य सजावट किये जा रहे हैं. शहर के चौक-चौराहे पर महावीरी ध्वजा व साबइ रस्सी की बिक्री शुरू हो गयी है. मुख्य बाजार समेत शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर महावीरी पताका, साबइ रस्सी की बिक्री शुरू हो गयी है. महावीरी पताका 15 रुपये से लेकर 500 रुपये तक बिक रहे हैं.कहीं भक्ति जागरण, तो कहीं भव्य शोभायात्रा
घंटाघर चौक समीप संकट मोचन मंदिर में चैत्र नवरात्र को लेकर पूजा विधि- विधान से होगी. रामनवमी पूजा को लेकर ध्वजारोहण होगा. शाम को हवन एवं भजन-कीर्तन होगा. भगवा क्रांति की ओर से 26 को घंटाघर चौक समीप से, तो हिंदुत्व सेवा संघ की ओर से रामनवमी पर 27 को बड़ी खंजरपुर मायागंज से भव्य शोभायात्रा निकाली जायेगी. तिलकामांझी हनुमान मंदिर परिसर में ध्वजारोहण के बाद नौ कन्याओं का पूजन होगा. चुनिहारी टोला मानस सत्संग मंदिर में रामनवमी पर विविध आयोजन होगा.
मंदिरों में बढ़ेगी रौनक, पूजन को भक्त तैयार
शहर के भगत सिंह चौक स्थित हनुमान मंदिर, संकट मोचन मंदिर, डिक्शन मोड़ स्थित अद्भुत हनुमान मंदिर, बूढ़ानाथ चौक स्थित हनुमान मंदिर, आदमपुर चौक स्थित हनुमान मंदिर, बड़ी पोस्ट ऑफिस स्थित हनुमान मंदिर, छोटी खंजरपुर स्थित हनुमान मंदिर, बरारी बड़गाछ चौक हनुमान मंदिर, अलीगंज स्थित स्पिनिंग सूत मिल के समीप हनुमान मंदिर, नाथनगर स्थित हनुमान मंदिर, सबौर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर आदि की भव्य सजावट की जा रही है. इन स्थानों पर श्रीराम भक्त हनुमान की पूजा-अर्चना वैदिक विधि- विधान से होगी. श्रद्धालु महावीरी पताका से ध्वजा रोहण करेंगे और कई श्रद्धालु हनुमान जी को महावीरी पताका भी चढ़ायेंगे.26 को सुबह 11:48 बजे नवमी तिथि का प्रवेश, 27 को 10:06 तक
ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णु पाठक ने बताया कि नवमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11:48 बजे शुरू होकर 27 मार्च को सुबह 10:06 बजे समाप्त होगी. दरअसल राम जन्म मध्याह्न में हुआ था, इसलिए 26 मार्च को पूजा करना उत्तम माना जा रहा है, जबकि उदया तिथि (सूर्योदय) के अनुसार 27 मार्च को भी यह उत्सव मनाया जायेगा. आगे कहा कि इस वर्ष राम नवमी का 27 मार्च को ही मनेगा. कारण यह है कि बाल्मिकी रामायण और अन्यान्य ग्रंथों में ऐसा वर्णन आया है कि श्री रामनवमी का त्योहार उसी दिन मनाया जाना चाहिए, जिस दिन चैत्र का महीना हो, शुक्ल पक्ष हो, नवमी तिथि हो चंद्रमा कर्क राशि पर हो, कर्क लग्न हो, अभिजीत् मुहूर्त हो और पुनर्वसु नक्षत्र का चतुर्थ चरण हो. 27 मार्च को इनमें सारी की सारी स्थितियां व्याप्त हो रही है, केवल नवमी तिथि जो है वह वह लगभग दिन में 10:30 बजे तक रहेगी.उन्होंने कहा कि अयोध्या में भी राम नवमी के धूमधाम से 27 मार्च को ही मनायी जायेगी. धर्मग्रंथों के अलावा विद्वानों से चर्चा की गयी. काशी विद्वत् सभा, कांचीपुरम इत्यादि मठ में भी 27 मार्च को ही श्रीराम नवमी का प्राकट्य उत्सव मनेगा.
