पीस सेंटर परिधि की ओर से रविवार को कला केंद्र भागलपुर में ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया. वक्ताओं ने कहा कि त्योहार हमारे जीवन का हिस्सा है. मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य से उपजे हैं हमारे त्योहार. संचालन करते हुए राहुल ने कहा ””””””””हम बचपन से सुनते आए हैं मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना. उदय ने कहा कि आज दुनिया युद्ध से त्रस्त है. एक धर्म के लोग दूसरे धर्म से नहीं लड़ रहे, बल्कि आर्थिक हित और सत्ता मजहब के केंद्र में आ गया है. जरूरत इस बात की है कि धर्म के मूल्यों को स्थापित करें. मो फारूक ने कहा कि रोजा का मतलब है कि हम अपने वचन से कम से और मन से किसी का बुरा न सोचे, ताकि हम अपने ईश्वर के और नजदीक जा सके. हिंदी गांधी विश्वविद्यालय वर्धा के पूर्व कुलपति डाॅ मनोज ने बिनोबा को याद करते हुए कहा कि ईश्वर की आराधना का रास्ता मानते थे. बिनय कुमार भारती, मृदुला सिंह और रेखा रमन ने इस अवसर पर गीत गाये. काफिया कामिनी ने अपने नज्म सुनाये. कार्यक्रम में मो बाकिर, अनीता शर्मा मृदुला सिंह जयंत जलत, डॉ मनोज, राजकुमार, अर्जुन शर्मा, मो शाहबाज, अतिका, पूनम श्रीवास्तव, फरजाना, प्रसून लतांत, फनी चंद्र, नुसरत जहां सायमा परवीन, उजमा कौसर, निखत रानी शमा, ज्योति, सुहानी बेगम, सूफी आरा, गौतम कुमार, संजय कुमर, वासुदेव भाई, रफत खातून, डाॅ अविनाश, कुमारी रजनी संजय कुमार, स्मिता, हबीब मुर्शिद खान आदि उपस्थित थे.
bhagalpur news. मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य से उपजे है हमारे त्योहार
पीस सेंटर परिधि की ओर से रविवार को कला केंद्र भागलपुर में ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया

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