Bhagalpur Education News : गोपालपुर प्रखंड के सैदपुर स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में भवन की गंभीर समस्या को लेकर कांग्रेस प्रदेश प्रतिनिधि शंकर सिंह अशोक ने जिला परिषद अध्यक्ष विपिन कुमार मंडल को ज्ञापन सौंपा है. उन्होंने विद्यालय के लिए नए भवन के निर्माण की मांग करते हुए कहा कि वर्षों से जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग की उपेक्षा के कारण छात्र-छात्राओं को जर्जर भवन में पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
विद्यालय की अनदेखी का लगाया आरोप
कांग्रेस प्रदेश प्रतिनिधि शंकर सिंह अशोक ने कहा कि सैदपुर उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय लंबे समय से जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग की उपेक्षा का शिकार है. उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय सांसद, विधायक, विधान पार्षद और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अब तक विद्यालय की समस्याओं के समाधान की दिशा में गंभीर पहल नहीं की. उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव के.के. पाठक ने निरीक्षण के दौरान भवन की जर्जर स्थिति देखकर नए भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया था.
जर्जर भवन से प्रभावित हो रही पढ़ाई
उन्होंने बताया कि यह विद्यालय आजादी से पहले स्थापित हुआ था, लेकिन स्वतंत्रता के बाद आज तक इसके लिए नया भवन नहीं बनाया गया. वर्षों पुराने खपरैल भवन के जर्जर होकर धराशायी हो जाने से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है. पर्याप्त कमरों के अभाव में छात्रों और शिक्षकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं.
पंचम वित्त आयोग की राशि से निर्माण की मांग
शंकर सिंह अशोक ने जिला परिषद अध्यक्ष से पंचम वित्त आयोग की राशि से विद्यालय में कम से कम दो कमरे और एक बरामदे का तत्काल निर्माण कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि यह विद्यालय पीएम श्री योजना में भी शामिल है, इसलिए यहां आधारभूत सुविधाओं का विकास प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके.
आंदोलन की दी चेतावनी
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भवन निर्माण का कार्य शुरू नहीं कराया गया तो स्थानीय लोगों, अभिभावकों और छात्रों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की होगी. इस दौरान जिला परिषद सदस्य गौरव राय भी मौजूद रहे. उन्होंने भी विद्यालय की समस्या का शीघ्र समाधान कराने और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की.
