नगर निगम कार्यालय परिसर के अंदर व बाहर बना तालाब, चारों तरफ फैली अव्यवस्था

पहले बाढ़ से गंगा किनारे बसे मुहल्ले समेत अन्य क्षेत्रों की हालत बदतर हो गयी और अब शनिवार को ढाई घंटे की बारिश से पूरा शहर बदहाल हो गया.

पहले बाढ़ से गंगा किनारे बसे मुहल्ले समेत अन्य क्षेत्रों की हालत बदतर हो गयी और अब शनिवार को ढाई घंटे की बारिश से पूरा शहर बदहाल हो गया. इतना ही नहीं शहर के ड्रेनेज सिस्टम से लेकर अन्य मूलभूत समस्याओं का समाधान करने वाला नगर निगम का कार्यालय खुद इस बारिश से बदहाल हो गया. परिसर के अंदर व बाहर का नजारा तालाब सा हो गया. इतना ही नहीं नगर निगम प्रशासन भागलपुर को स्मार्ट सिटी बनाने का दावा कर रहा है. शहर का वीआइपी क्षेत्र आदमपुर, बैंक कॉलोनी, तिलकामांझी, चुनिहारी टाेला, कमलनगर कॉलोनी, मुख्य बाजार क्षेत्र के मुहल्लों में भी सड़क पर नाला बहता रहा. आदमपुर हनुमान नगर की अभिलाषा ने बताया कि शहर में कच्चा नाले का जाल है. निरंतर कूड़े-कचरे का उठाव नहीं होने के कारण रास्ते पर कचरे का ढेर लग जाता है. इससे आने-जाने में परेशानी होती है. इधर बैंक कॉलोनी के सूरज प्रभात ने बताया कि सफाई व्यवस्था खराब होने के कारण शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. बाजार क्षेत्र के पार्षद अश्विनी जोशी मोंटी ने बताया कि नगर निगम में सफाइकर्मियों की कमी भी सफाई व्यवस्था खराब होने का मूल कारण है. नगर निगम की हरेक बैठक में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की बात होती है, लेकिन धरातल पर अमलीजामा नहीं पहनाया जाता.

ठेहुना भर गंदे पानी से गुजरे राहगीर

इशाकचक, मिरजान हाट, सिकंदरपुर, बौंसी रोड, गुरुद्वारा रोड, महात्मा गांधी मार्ग पर नाले का पानी बहने लगा. कई मुहल्ले के घरों में और मुख्य बाजार अंतर्गत लोहापट्टी, आनंद चिकित्सालय रोड में दुकानों में पानी घुस गया. हुसैनपुर की सड़क पर कमर तक पानी भर गया, तो शीतला स्थान चौक, सिकंदरपुर मार्ग, इशाकचक मार्ग पर नाली के ठेहुना भर गंदे पानी से राहगीरों को गुजरना पड़ा.

आकाशवाणी चौक व लोहिया पुल के नीचे लगा जाम

आकाशवाणी चौक व लोहिया पुल के नीचे जलजमाव के कारण वाहनों की लंबी कतार सड़क पर लग गयी और जाम के कारण पैदल राहगीरों का आना-जाना मुश्किल हो गया. यही स्थिति शहर के विश्वविद्यालय क्षेत्र, सीएमएस स्कूल के सामने भी हो गयी. मुख्य बाजार में कई क्षेत्र जैसे पटल बाबू रोड, स्टेशन चौक के आसपास नाला बंद होने के कारण पहले से ही लोहापट्टी की सड़क पर तालाब सी स्थिति थी. शनिवार को मूसलाधार बारिश होने पर लोहापट्टी, हड़ियापट्टी एवं आनंद चिकित्सालय रोड में दुकानदार सहमे नजर आये, कहीं उनकी दुकान में पानी न घुस जाये.

भोलानाथ पुल के नीचे गिरते रहे बाइक सवार

भोलानाथ पुल के नीचे जलजमाव की स्थिति भयावह हो गयी थी. अंदाजा से अधिक पानी होने पर बाइक सवार गिरते रहे. इससे उनकी बाइक तो खराब हुई ही, खुद भी घायल हाे गये.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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