Pirpainti Sugar Mill: भागलपुर के पीरपैंती इलाके के किसानों के लिए बड़ी खबर है. यहां जल्द ही चीनी मिल खुलने का रास्ता साफ हो गया है. जिला प्रशासन ने चीनी मिल के लिए 100 एकड़ जमीन चिन्हित कर ली है और इसकी रिपोर्ट ईख विकास विभाग को भेज दी है. अब विभाग से अनुमति मिलने के बाद मिल खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
पीरपैंती में चीनी मिल खुलने से सबसे बड़ा फायदा गन्ना किसानों को मिलने की उम्मीद है. अभी भी जिले में सबसे अधिक गन्ने की खेती पीरपैंती प्रखंड में होती है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर चीनी मिल स्थापित होने से किसानों को अपनी फसल के लिए बाजार मिलने के साथ गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने का प्रोत्साहन मिलेगा.
कई महीनों से चल रही थी जमीन की तलाश
पीरपैंती में चीनी मिल खोलने की तैयारी पिछले कई महीनों से चल रही थी. मुख्यालय के निर्देश के बाद ईख विकास विभाग, भागलपुर की ओर से इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू की गयी थी. विभाग की ओर से चीनी मिल के लिए जमीन की जरूरत से जिला प्रशासन को अवगत कराया गया था.
जिला प्रशासन ने जमीन की उपलब्धता और अन्य पहलुओं को देखते हुए अब पीरपैंती में मिल के लिए 100 एकड़ जमीन चिन्हित कर ली है. जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने इसकी रिपोर्ट विभाग को भेज दी है.
अब विभागीय अनुमति का इंतजार है. अनुमति मिलने के बाद चीनी मिल स्थापित करने की आगे की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.
पीरपैंती में सबसे ज्यादा होती है गन्ने की खेती
भागलपुर जिले में पीरपैंती के अलावा नाथनगर और सुल्तानगंज प्रखंड में भी किसान गन्ने की खेती करते हैं. इन तीनों प्रखंडों में सबसे अधिक गन्ने की खेती पीरपैंती में होती है.
यही वजह है कि पीरपैंती में चीनी मिल खोलने की योजना को गन्ना किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. स्थानीय स्तर पर मिल उपलब्ध होने से किसानों को गन्ने की बिक्री के लिए दूसरे क्षेत्रों पर निर्भरता कम हो सकती है.
मिल खुला तो बढ़ सकता है गन्ने का रकबा
चीनी मिल के शुरू होने से इलाके में गन्ने की खेती को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. मिल के लिए लगातार गन्ने की जरूरत होगी. ऐसे में किसानों को अपनी उपज के लिए स्थानीय बाजार मिलने की संभावना बढ़ेगी.
विभाग की ओर से अधिक किसानों को गन्ने की खेती से जोड़ने की तैयारी भी शुरू की जा रही है. इसके लिए किसानों को चिन्हित कर पंजीकृत करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. किसानों को गन्ने की खेती के लिए अनुदान उपलब्ध कराने की भी तैयारी है.
रोजगार के भी खुलेंगे अवसर
पीरपैंती में चीनी मिल स्थापित होने का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगा. मिल के निर्माण और संचालन के साथ आसपास के इलाके में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
मिल के संचालन के लिए कर्मचारियों और तकनीकी कर्मियों की जरूरत होगी. इसके अलावा परिवहन, गन्ना ढुलाई, मजदूरी, मशीनरी, मरम्मत और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को भी काम मिलने की संभावना है. इससे पीरपैंती और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है.
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम कदम
गन्ने की खेती किसानों के लिए तभी अधिक लाभकारी हो सकती है, जब उनकी उपज के लिए बेहतर और नियमित बाजार उपलब्ध हो. स्थानीय स्तर पर चीनी मिल खुलने से इस दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है.
प्रशासन और विभाग की योजना सफलतापूर्वक आगे बढ़ती है तो पीरपैंती में गन्ने की खेती का रकबा बढ़ सकता है. इससे किसानों के साथ-साथ स्थानीय कारोबार और रोजगार को भी फायदा पहुंच सकता है.
Pirpainti Sugar Mill: अनुमति मिलते ही शुरू होगी आगे की प्रक्रिया
जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने बताया कि पीरपैंती में चीनी मिल खोलने के लिए जमीन चिन्हित कर ली गयी है. 100 एकड़ जमीन में चीनी मिल खोला जायेगा. इसकी रिपोर्ट विभाग को भेज दी गयी है. अब विभाग की ओर से अनुमति मिलने पर चीनी मिल खोलने की प्रक्रिया शुरू होगी.
फिलहाल जिले के किसानों की नजर अब विभागीय अनुमति पर है. अनुमति मिलने के बाद यह योजना जमीन पर कब आकार लेती है, इस पर आगे की प्रक्रिया निर्भर करेगी.
