Bhagalpur News कहलगांव से असद अशरफी की रिपोर्ट :
भागलपुर की जीवनरेखा कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा अचानक क्षतिग्रस्त होकर गंगा में गिर जाने के बाद इलाके में परिवहन संकट गहरा गया है. सेतु पर आवागमन पूरी तरह बंद होने के बाद अब लोगों के पास गंगा पार करने के लिए नजदीक में कहलगांव-तीनटंगा फेरी घाट ही सहारा बचा है. सोमवार सुबह होते ही इस घाट पर यात्रियों की अप्रत्याशित भीड़ उमड़ पड़ी.घाट पर अफरातफरी का माहौल
पुल बंद होने की खबर मिलते ही सैकड़ों की संख्या में बाइक सवार, छोटे व्यापारी और आम यात्री कहलगांव घाट पहुंचने लगे. अचानक बढ़े इस दबाव के कारण फेरी सेवा की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है. यात्रियों को नाव पर चढ़ने के लिए घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है. घाट परिसर में टिकट काउंटर से लेकर नाव पर वाहन चढ़ाने तक के लिए लगातार धक्का-मुक्की की स्थिति बनी हुई है.यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि विक्रमशिला सेतु बंद होने से नवगछिया और उत्तर बिहार को जोड़ने वाला सबसे नजदीकी मार्ग यही फेरी घाट है. यात्रियों की भारी तादाद के मुकाबले नावों की संख्या बेहद कम है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, वर्षों बाद घाट पर ऐसी भीड़ देखने को मिली है.
