विक्रमशिला सेतु का स्लैब टूटने के बाद गंगा नदी पार करने के लिए सोमवार सुबह से अनधिकृत नावों का परिचालन शुरू हो गया है. हाइलेवल ब्रह्म बाबा स्थान के पास से बड़ी नावों का संचालन किया जा रहा है, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. नावों पर क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जा रहा है. लोग बड़ी संख्या में सवार हो रहे हैं और मोटरसाइकिल तक नावों पर लादी जा रही है. इससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि अब तक प्रशासन द्वारा ऐसे नावों के संचालन पर किसी तरह की रोक नहीं लगायी गयी है. पुल पर बैरिकेडिंग, माइकिंग कर लोगों से दूर रहने की अपील विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा हिस्सा टूट जाने के बाद जिला प्रशासन ने एहतियातन सख्त कदम उठाये हैं. भागलपुर की ओर से सेतु के टॉप के पास बैरिकेडिंग कर दी गयी है और वहां भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. प्रशासन द्वारा पुल पर जाने की कोशिश कर रहे लोगों को रोका जा रहा है. साथ ही माइकिंग के जरिए लगातार आम लोगों से अपील की जा रही है कि वे टूटे हिस्से को देखने के लिए पुल पर न जाएं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई सेतु का क्षतिग्रस्त हिस्सा देखना चाहता है, तो वह बरारी गंगा घाट जाकर नीचे से देख सकता है. दूसरी ओर, नवगछिया की तरफ से फिलहाल किसी प्रकार की बैरिकेडिंग नहीं की गयी है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जहान्वी चौक से टूटे हिस्से की दूरी अधिक होने के कारण वहां भीड़ नहीं जुट रही है और इक्का-दुक्का लोग ही उस ओर से पहुंच रहे हैं. प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाये हुए है. लोगों से सहयोग की अपील कर रहा है, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके. बरारी घाट पर दिन भर नावों के परिचालन की निगरानी कर रहे डीएस और एसएसपी बरारी घाट पर दिन भर नावों के परिचालन की निगरानी खुद जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव कर रहे थे. दूसरी तरफ घाट पर भागलपुर जिले के कई पुलिस पदाधिकारियों को दल बल के साथ लगाया था. पदाधिकारी नाविकों को ओवरलोड न करने और लोगों को धैर्य के साथ यात्रा करने की सलाह दे रहे थे. शाम पांच बजे तक नाव का इंतजार करते रहे सैकड़ों लोग बरारी घाट पर शाम करीब 5.30 बजे अंतिम नाव को रवाना कर घाट बंद किये जाने की घोषणा की गयी. उस समय घाट पर सैकड़ों लोग मौजूद थे जो उस पार जाना चाह रहे थे. घाट बंद होने के बाद वरीय पदाधिकारी मौके से रवाना हो गये तो पुलिस पदाधिकारियों ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि शाम हो गयी है. इसलिए अब नाव का परिचालन नहीं होगा. आप लोग कल सुबह पहुंचे.
bhagalpur news. अनधिकृत नावों से हो रहा आवागमन, ओवरलोडिंग से हादसे का खतरा बढ़ा
विक्रमशिला सेतु का स्लैब टूटने के बाद गंगा नदी पार करने के लिए सोमवार सुबह से अनधिकृत नावों का परिचालन शुरू हो गया है.
