भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट
पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र छह जून को विक्रमशिला सेतु पर बने तैयार बेली ब्रिज का निरीक्षण करेंगे. बताया कि सात जून को मंत्री इसका उद्घाटन करेंगे. 15 मई से बेली ब्रिज निर्माण का काम बीआरओ के अधीक्षण अभियंता बिपिन कुमार चंद्र के नेतृत्व में काम शुरू हुआ था और तीन जून को चौथे व अंतिम बेली ब्रिज का लॉन्चिंग हो गया है. गुरुवार को इसके बचे काम को भी पूरा कर लिया जायेगा. पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि वो खुद छह काे इस ब्रिज का निरीक्षण कर सात को इसका उद्घाटन करेंगे.मंगलवार को 12 टन के वाहन को बेली ब्रिज पर गुजार कर किया गया था ट्रायल
मंगलवार का तैयार तीन बेली ब्रिज पर बड़े वाहन, जो 12 टन क्षमता के थे, को चलाकर ट्रायल लिया गया. खुद जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने कहा था कि जब बेली ब्रिज पूरी तरह तैयार हो जायेगा तो हम सबसे पहले अपनी गाड़ी को इस पुल पर चलकर ट्रायल लेंगे. उसके बाद मीडियाकर्मी व कुछ डॉक्टर को उनके गाड़ी के साथ पुल को पार करायेंगे. इस ट्रायल के बाद आम जनता के लिए इस पुल को खोला जायेगा. लोगों का विश्वास ही सबसे बड़ी चीज है.चार सौ टन बेली ब्रिज के लिए आया सामान
बीआरओ की टीम ने 15 मई से बेली ब्रिज का काम बीआरओ के अधीक्षण अभियंता बिपिन कुमार चंद्र के नेतृत्व में शुरू किया. ब्रिज निर्माण के लिए 12 मई को पूरी टीम पहुंच चुकी थी. ब्रली ब्रिज के लिए चार सौ टन सामान आया था. तीन मई की देर रात विक्रमशिला सेतु के 34 मीटर का स्लैब गंगा में गिरा था. तीन जून को ही इस पर अंतिम व चौथे बेली ब्रिज की लॉन्चिंग हो गयी. यह अपने आप में एक बहुत बड़ा संयोग ही है कि तीन अंक के शब्द वाले दिन सेतु का स्लैब गिरा व तीन अंक वाले शब्द के दिन ही अंतिम बेली ब्रिज की लॉल्चिंग हो गयी. एक माह में काम को पूरा कर दिया गया.
