अब खेतों तक पहुंचेगा गंगा का जल, सुलतानगंज की मेगा परियोजना से बदलेगी बांका के खेतों भी की तस्वीर

Bhagalpur News : सुलतानगंज से गंगा का पानी अब सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाने की तैयारी तेज हो गई है. 1627 करोड़ रुपये की गंगाजल लिफ्ट परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे बांका और आसपास के हजारों किसानों में नयी उम्मीद जगी है.

सुलतानगंज, भागलपुर से शुभंकर की रिपोर्ट : भागलपुर के सुलतानगंज से शुरू हुई गंगाजल लिफ्ट परियोजना अब तेजी से धरातल पर उतर रही है. कमरगंज में इंटकवेल निर्माण, पाइपलाइन बिछाने और बांका के बडुआ क्षेत्र में डिटेंशन टैंक निर्माण का काम युद्धस्तर पर चल रहा है. परियोजना पूरी होने के बाद किसानों को सालभर सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा.

70 किलोमीटर पाइपलाइन में 17 किलोमीटर काम पूरा

परियोजना से जुड़े सहायक मैनेजर अतुल कुमार सिंह ने बताया कि करीब 70 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन में अब तक 17 किलोमीटर पाइप बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया है. वहीं बांका के बडुआ नदी क्षेत्र में डिटेंशन टैंक निर्माण का काम भी तेजी से चल रहा है.

फुल्लीडुमर क्षेत्र को भी योजना में जोड़ा गया

अधिकारियों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना को गति मिली है. पाइपलाइन बिछाने के प्राक्कलन में कुछ तकनीकी बदलाव भी किए गए हैं, जिसमें फुल्लीडुमर क्षेत्र को भी शामिल किया गया है. इससे अधिक किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिल सकेगा.

इस साल खेतों तक पहुंच सकता है गंगा का पानी

परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य इसी गति से चलता रहा, तो वर्ष के अंत तक किसानों के खेतों तक गंगा का पानी पहुंचाने की दिशा में बड़ी सफलता मिल सकती है. इसे लेकर किसानों में उत्साह देखा जा रहा है.

1627 करोड़ की योजना बदलेगी कृषि व्यवस्था

करीब 1627 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही यह परियोजना क्षेत्र की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है. योजना के तहत बाढ़ के समय गंगा नदी के अतिरिक्त जल को संरक्षित कर बांका के बडुआ जलाशय और मुंगेर के खड़गपुर जलाशय तक पहुंचाया जाएगा.

सालभर मिलेगी सिंचाई की सुविधा

परियोजना पूरी होने के बाद किसानों को सालभर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध रहेगा. इससे खेती के लिए मानसून पर निर्भरता कम होगी, फसल उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में सुधार होने की उम्मीद है.

ग्रामीणों में दिख रहा उत्साह

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन, किसानों और निर्माण एजेंसी के बीच बेहतर तालमेल के कारण परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है. किसानों को मुआवजा मिलने और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि गंगा का पानी खेतों तक पहुंचते ही कृषि और रोजगार के क्षेत्र में नया बदलाव देखने को मिलेगा.

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Published by: Amit kumar sinh

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