पूर्वी बिहार के सबसे बड़े बाजार में पेयजल की सुविधा नहीं, भीषण गर्मी में लोगों को बोतलबंद पानी का सहारा

भागलपुर के इनारा चौक पर लगा प्याऊ टूट गया है, वहीं वेरायटी चौक पर लगा प्याऊ दम तोड़ने के कगार पर है, मारवाड़ी टोला लेन में 5 लाख रुपये की लागत से लगा प्याऊ एक साल बाद भी नहीं दे रहा फायदा.

पूर्वी बिहार का सबसे बड़ा मुख्य बाजार भागलपुर में पेयजल का समुचित साधन नहीं है. यहां पर आने वाले ग्राहकों को खरीद कर पानी पड़ता है. इस भीषण गर्मी में यहां आने वाले खरीददारों का बुरा हाल है. वेराइटी चौक पर लाखों की लागत से बना प्याऊ रख-रखाव के अभाव में दम तोड़ रहा है, तो इनारा चौक पर पूरी तरह से दम तोड़ चुका है. इस बाजार में गोड्डा, दुमका, बांका, नवगछिया, जमालपुर, सुल्तानगंज, बेलहर, पीरपैंती आदि क्षेत्रों से आने वाले एक लाख से अधिक ग्राहकों को पेयजल संकट झेलना पड़ रहा है.

लाखों की लागत से लगाया था प्याऊ, सात साल बाद हो गया बंद

इनारा चौक पर 2014 में पीएचइडी विभाग की ओर से लाखों की लागत से प्याऊ निर्माण कराया गया. रख-रखाव का अभाव शुरुआत से ही रहा. सात साल बाद इसका बिजली कनेक्शन काट दिया गया. अब प्याऊ के चारों ओर गंदगी और अव्यवस्था फैली रहती है. स्थानीय दुकानदार इस जगह का उपयोग सामान रखने के लिये करते हैं. इनारा चौक के दुकानदारों ने बताया कि पीएचइडी विभाग की ओर से भोला सिंह को प्याऊ की देख-रेख का जिम्मा दिया था. अब तो मोटर खराब होने के बाद कोई देखने वाला नहीं है.

वेराइटी चौक स्थित प्याऊ के चार में तीन नल खराब

वेराइटी चौक पर लगे प्याऊ में चार नल में एक नल ही सही है. यहां भी रखरखाव के अभाव में स्थिति ठीक नहीं है. बार-बार मोटर खराब होने के कारण अक्सर प्याऊ बंद रहता ही है. लोगों का कहना है यहां पर आजाद क्लब की ओर से 2002 में प्याऊ का निर्माण कराया गया था. कपड़ा कारोबारी कुंजबिहारी झुनझुनवाला ने बताया कि बाजार क्षेत्र के ही बाल सुबोधिनी पाठशाला गली में वर्षों से चापाकल बंद पड़ा है. बार-बार के प्रयास के बाद भी चापाकल को दुरुस्त नहीं कराया गया, दूसरा विकल्प भी नहीं है.

व्यवसायी व ग्राहकों का दर्द

कपड़ा कारोबारी अरुण चोखानी ने बताया कि 2016 में जब पानी टंकी का निर्माण कराया गया तो स्थानीय दुकानदार चंदा करके टोटी समय-समय पर लगाते रहे. अब प्याऊ बंद होने पर कोई देखने वाला नहीं है.खाद्यान्न कारोबारी चंदन विश्वास ने बताया कि दो साल पहले तत्कालीन मेयर सीमा साहा ने इसे शुरू कराने का प्रयास किया था. फिर वर्तमान मेयर को भी यहां की समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कुछ नहीं हो पाया.

मारवाड़ी युवा मंच के पदाधिकारी सह लेडिज गार्मेंट कारोबारी आयुष केजरीवाल ने कहा कि वेराइटी चौक पर अभी जान बची है, लेकिन इनारा चौक पर तो प्याऊ पूरी तरह दम तोड़ चुका है. इस प्याऊ से बाजार क्षेत्र के लगभग 5000 दुकानों में जलापूर्ति होती थी. पीरपैंती के अयोध्या प्रसाद ने बताया कि वे कपड़े का कारोबार करते हैं. भागलपुर से ही अपना सारा माल बुक कराते हैं. यहां पर जब भी आते, कभी पेयजल की समुचित सुविधा नहीं होती. ऐसे में कभी दुकानदार के यहां पानी मांग कर पीते हैं या पानी खरीद कर पीना पड़ता है.

5. 71 लाख की लागत से लगा प्याऊ अब तक नहीं हुआ चालू

10 माह पहले मारवाड़ी टोला लेन नीम गाछ समीप 5.71 लाख की लागत से प्याऊ लगाया गया, लेकिन अब तक चालू नहीं हो पाया. स्थानीय दुकानदार बुलिया मनिहार ने कहा कि अब तक पानी नहीं मिला है. प्याऊ का उद्घाटन हो रहा था, तो खुशी हो रही थी कि समीप में पेयजल की सुविधा मिल रही है.

पेयजल व्यवस्था हो, सफाई व्यवस्था हो या यूरिनल की व्यवस्था हो. इसकी जवाबदेही नगर निगम की है. चेंबर ऑफ कॉमर्स इसे लेकर बार-बार आवाज उठा रहा है. इनारा चौक स्थित यूरिनल को व्यवस्थित कराने में सहयोग किया. बार-बार आवाज उठाने के बाद मारवाड़ी टोला लेन में प्याऊ लगा, लेकिन चालू अब तक नहीं हुआ. फिर भी चेंबर प्रयासरत है.

श्रवण बाजोरिया, अध्यक्ष, चेंबर ऑफ कॉमर्स

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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