हवा हवाई साबित हो रहा नगर निगम का दावा, 14 फरवरी की घोषणाओं के मायने नहीं
प्रमुख सड़कों पर जारी है मनमानी
पटल बाबू रोड, सूजागंज रोड सहित कई व्यस्त इलाकों में दिन के समय भी वाहन खड़े कर लोडिंग-अनलोडिंग का काम जारी है. इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि जाम की समस्या भी लगातार बढ़ती जा रही है. निगम ने 500 से 5000 रुपये तक जुर्माना वसूलने की चेतावनी दी थी, लेकिन इसका कोई असर धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है.वाहन फ्री जोन और पार्किंग योजना भी अधर में
नगर निगम ने बाजार क्षेत्र को वाहन फ्री जोन बनाने और इसके लिए नि:शुल्क पार्किंग की व्यवस्था करने का दावा भी किया था. इसके लिए कोई स्थान चिह्नित नहीं किया जा सका है. वहीं फरवरी में कुछ दिनों तक सड़क किनारे अवैध पार्किंग के खिलाफ अभियान चलाया गया, लेकिन मार्च आते-आते यह पूरी तरह ठंडे बस्ते में चला गया है.
जाम से राहत की बजाय बढ़ी परेशानी नगर आयुक्त ने पहले कहा था कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जायेगा और कार्रवाई केवल दोपहिया-चारपहिया तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ठेला और रिक्शा पर भी लागू होगी. साथ ही लोगों से सहयोग की अपील भी की गयी थी. बावजूद इसके शहर की स्थिति सुधरने के बजाय और खराब होती नजर आ रही है. रोजाना लगने वाले जाम से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है और निगम के दावे अब सवालों के घेरे में हैं.