New Rail Line Bihar: भागलपुर और इसके आसपास के जिलों में रेल कनेक्टिविटी पहले से और ज्यादा मजबूत होने वाली है. जिले को लगभग 4600 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट की सौगात दी गई है. रेल मंत्रालय की तरफ से सांसद अजय कुमार मंडल को विस्तार से उनकी ओर से किए गए सवाल का जवाब दिया गया है. इनमें रेल विकास परियोजनाओं से लेकर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं तक के बारे में जिक्र किया गया है.
भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट रेल लाइन की डबलिंग
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए खुशखबरी है. भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट रेलखंड के दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. 177 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर करीब 3169 करोड़ रुपये खर्च होंगे. डबल लाइन बनने के बाद इस रूट पर यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही आसान हो सकेदी. सबसे बड़ा फायदा माल ढुलाई को मिलने वाला है.
जानकारी के मुताबिक, कोयला, सीमेंट, उर्वरक, ईंट और पत्थर जैसी वस्तुओं की ढुलाई तेज होगी और हर साल करीब 1.5 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित होने का अनुमान है. इस परियोजना से तीन राज्यों के 441 गांवों और करीब 28.72 लाख लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी. बांका, गोड्डा और दुमका जैसे जिलों को भी इसका फायदा होगा.
धार्मिक पर्यटन के लिए भी यह परियोजना अहम है. बाबा बैद्यनाथ धाम और तारापीठ तक पहुंच बेहतर होने से श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी. यानी डबल ट्रैक से सिर्फ ट्रेनें नहीं बढ़ेंगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.
गोनूधाम रेल परियोजना की भी सौगात
लंबे समय से इंतजार में रही गोनूधाम रेल परियोजना बेहद खास मानी जा रही है. करीब 303.02 करोड़ रुपये की इस योजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. रेलवे का लक्ष्य इसी साल निर्माण शुरू कर 2028 तक परियोजना पूरी करने का है.
प्रोजेक्ट के तहत सबौर से गोनूधाम तक 13.38 किलोमीटर लंबी बाइपास रेल लाइन बनाई जाएगी. नई लाइन बनने के बाद भागलपुर रेलखंड पर ट्रेनों का दबाव काफी कम होगा. अभी एक ही रूट पर यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही के कारण परिचालन प्रभावित होता है.
बाइपास तैयार होने के बाद ट्रेनों की आवाजाही ज्यादा आसान हो सकेगी और समय पालन में सुधार की उम्मीद है. सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बिहार-झारखंड के बीच रेल नेटवर्क के विस्तार को नई दिशा मिलेगी, जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत हो सकती है.
भागलपुर-जमालपुर के बीच बनेगी तीसरी रेल लाइन
बढ़ते रेल ट्रैफिक के बीच भागलपुर-जमालपुर रेलखंड को बड़ी सौगात मिली है. करीब 53 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन के निर्माण के लिए 1,156 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और भू-अर्जन की प्रक्रिया जारी है. इस रूट पर हर रोज 45 से 50 मालगाड़ियां चलती हैं, जिससे यात्री ट्रेनों के परिचालन पर दबाव रहता है.
तीसरी लाइन बनने के बाद माल और यात्री ट्रेनों को अलग-अलग ट्रैक मिलने की उम्मीद है. इससे सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, समय की बचत हो सकेगी और नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी खुलेगा. यानी भागलपुर-जमालपुर रेल सफर आने वाले दिनों में और तेज होने वाला है.
