नवगछिया में सड़क सुरक्षा पर सवाल, दर्जनों जगहों पर हादसे का खतरा

नवगछिया में एनएच-31 समेत कई सड़कें ब्लैक स्पॉट बन चुकी हैं। तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हो रहे हादसों से लोगों की जान पर बन आई है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

भागलपुर : नवगछिया अनुमंडल में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 समेत प्रमुख सड़कों पर दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. अनुमंडल के कई स्थान दुर्घटना संभावित क्षेत्र यानी ब्लैक स्पॉट और हॉट स्पॉट बन चुके हैं. इन स्थानों पर तेज रफ्तार, भारी वाहनों की आवाजाही, गलत दिशा में परिचालन और वाहन चालकों की लापरवाही के कारण अक्सर हादसे होते हैं. सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

बगड़ी पुल बना हादसों का केंद्र

खरीक-झंडापुर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर स्थित बगड़ी पुल और इसके आसपास का इलाका दुर्घटना की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है. तेज रफ्तार ट्रकों और छोटे वाहनों की टक्कर में यहां कई भीषण हादसे हो चुके हैं. पुल के आसपास वाहनों की गति और यातायात दबाव के कारण दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है.

इमली चौक पर भी खतरा

परबत्ता थाना क्षेत्र के इमली चौक और 14 नंबर सड़क के समीप का इलाका भी दुर्घटनाओं के लिए संवेदनशील है. यहां आमने-सामने वाहनों की टक्कर के साथ बाइक दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार चौक के आसपास यातायात व्यवस्था को बेहतर करने की जरूरत है.

टोल प्लाजा के आसपास अचानक बदलती है रफ्तार

नवगछिया टोल प्लाजा के आसपास वाहनों की गति में अचानक बदलाव और गलत दिशा में परिचालन के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है. भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है. वाहनों के अचानक रुकने और ओवरटेक करने से भी हादसे की आशंका बनी रहती है.

बाबा विशु राउत पुल क्षेत्र भी संवेदनशील

बाबा विशु राउत पुल और कोसी सड़क पुल क्षेत्र में तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और वाहन चालकों की लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं. कई बार वाहन अनियंत्रित होकर पलट जाते हैं या दूसरे वाहनों से टकरा जाते हैं. पुल क्षेत्र में विशेष निगरानी और यातायात नियंत्रण की जरूरत महसूस की जा रही है.

जियो पेट्रोल पंप के समीप भी खतरा

परबत्ता क्षेत्र में जियो पेट्रोल पंप के समीप मुख्य मार्ग पर अचानक वाहनों के मुड़ने और गलत तरीके से ओवरटेक करने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. स्थानीय लोगों ने यहां यातायात संकेतक और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की है.

हेलमेट और नियंत्रित रफ्तार जरूरी

नवगछिया अनुमंडल में बाइक सवारों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. हेलमेट का इस्तेमाल और नियंत्रित गति से वाहन चलाना दुर्घटना में जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. नशे में वाहन चलाना चालक के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है.

ट्रैफिक डीएसपी की तैनाती से उम्मीद

नवगछिया में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए बिहार सरकार की ओर से ट्रैफिक डीएसपी की तैनाती की गयी है. ऐसे में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने और तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई की उम्मीद जगी है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटना संभावित स्थलों को चिह्नित कर वहां पर्याप्त संकेतक, गति अवरोधक, रोशनी और परावर्तक लगाने की जरूरत है. साथ ही तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, गलत दिशा में परिचालन और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमित कार्रवाई होनी चाहिए. सड़क सुरक्षा के लिए प्रशासन के साथ वाहन चालकों और आम लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, तभी सड़क हादसों में होने वाली असमय मौतों पर अंकुश लगाया जा सकेगा.


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By Vipin Thakur

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