भागलपुर: गंगा-कोसी के उफान से मंडराया बाढ़ का खतरा, खतरे के निशान से 43 सेमी ऊपर गंगा; हजारों जिंदगियां पानी में

भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल में गंगा और कोसी नदियों के बढ़ते जलस्तर ने भयानक रूप ले लिया है. कई तटबंधों पर भारी दबाव है और हजारों लोग बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. फरक्का बैराज के गेट खोले जाने से जलस्तर घटने की उम्मीद है, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है.

भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल में गंगा और कोसी नदी का बढ़ता जलस्तर अब भयानक रूप ले रहा है. मंगलवार की सुबह छह बजे की विभागीय रिपोर्ट ने तटबंधों पर बढ़ते भारी दबाव की तस्वीर साफ कर दी है. इस्माईलपुर-बिंद टोली से लेकर राघोपुर और मदरौनी तक नदियों का पानी तटबंधों को छूने लगा है, जिससे हजारों लोगों की जिंदगी बाढ़ के पानी में घिर गई है. हालांकि प्रशासन बचाव कार्य में जुटा है और फरक्का बराज के गेट खुलने से जलस्तर घटने की उम्मीद जगी है, लेकिन फिलहाल हर सेंटीमीटर की वृद्धि ग्रामीणों और प्रशासन की धड़कनें बढ़ा रही है.

गंगा का रौद्र रूप: इस्माईलपुर में लाल निशान से 43 सेमी ऊपर

गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने इस्माईलपुर-बिंद टोली और राघोपुर में चिंता बढ़ा दी है:

  • खतरे के निशान के पार: इस्माईलपुर-बिंद टोली में गंगा खतरे के निशान (31.60 मीटर) से 43 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. स्पर संख्या-07 पर जलस्तर 32.03 मीटर तक पहुंच गया है. पिछले 24 घंटे में यहां 15 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है.
  • राघोपुर में रिंग बांध का निर्माण: काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध के पास गंगा चेतावनी स्तर से 24 सेंटीमीटर ऊपर (32.92 मीटर) है. यहां तटबंध के कटाव के बाद बाढ़ का पानी बड़ी आबादी के लिए मुसीबत बन गया है.
  • युद्धस्तर पर काम: कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार ने बताया कि पानी के फैलाव को रोकने के लिए दिन-रात युद्ध स्तर पर रिंग बांध बनाने का कार्य करवाया जा रहा है.

कोसी का कहर: मदरौनी में तटबंध अधूरा, बड़ी आबादी प्रभावित

कोसी नदी के तेवर भी लगातार आक्रामक हो रहे हैं, जिससे कई इलाकों में दबाव कायम है:

  • खतरे के निशान की ओर कोसी: मदरौनी में कोसी का जलस्तर चेतावनी स्तर पार कर 31.03 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से महज 45 सेंटीमीटर नीचे है. 24 घंटे में यहां 18 सेंटीमीटर की तेज वृद्धि दर्ज की गई है.
  • अधूरे तटबंध से तबाही: मदरौनी में तटबंध आधा-अधूरा होने के कारण कोसी का पानी एक बड़ी आबादी को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है.
  • जेबी चोरहर में दबाव: यहां जलस्तर 31.25 मीटर दर्ज किया गया है (15 सेमी की वृद्धि). नगरपारा तटबंध और बगजान जमींदारी बांध के कई स्थानों पर पानी तटबंध के 'टो' को छू रहा है. विभागीय स्तर पर फिलहाल स्थल को सुरक्षित बताया गया है.

राहत की किरण: फरक्का बराज के सभी गेट खुले

राघोपुर में क्षतिग्रस्त तटबंध और पानी के फैलाव के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त है. हालांकि, इस बीच एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. फरक्का बराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि गेट खुलने से गंगा नदी के जलस्तर में जल्द ही कमी आएगी, जिससे नवगछिया के लोगों को इस विनाशकारी बाढ़ से निजात मिल सकेगी.


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By Vipin Thakur

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