NCD Screening Narayanpur: नारायणपुर में अब बीमारी बढ़ने के बाद अस्पताल पहुंचने का इंतजार नहीं करना होगा. नारायणपुर में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के घर तक पहुंचकर गैर-संचारी रोगों की पहचान और उपचार की दिशा में अभियान शुरू कर दिया है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणपुर की ओर से बुधवार से ‘जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत की गयी. इसके तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर पहुंचकर लोगों की विभिन्न गैर-संचारी बीमारियों यानी एनसीडी की स्क्रीनिंग करेंगे.
अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मी लोगों की स्वास्थ्य जांच करेंगे और बीमारी के शुरुआती लक्षणों के साथ-साथ जोखिम कारकों की भी पहचान करेंगे. जांच में किसी व्यक्ति के बीमार होने या बीमारी का खतरा सामने आने पर उसे आवश्यक परामर्श दिया जाएगा. जरूरत के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराने के साथ आगे के इलाज के लिए अस्पताल में पंजीकरण की सुविधा भी दी जाएगी.
30 नवंबर तक चलेगा अभियान
सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि यह अभियान 2 सितंबर से 30 नवंबर तक चलेगा. अभियान का उद्देश्य गैर-संचारी बीमारियों की समय पर पहचान करना और मरीजों को सही समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराना है. स्वास्थ्यकर्मी लोगों को जांच के साथ बीमारी से जुड़े जोखिम कारकों को कम करने के बारे में भी जानकारी देंगे.
गैर-संचारी बीमारियां अक्सर धीरे-धीरे शरीर में बढ़ती हैं और शुरुआती दौर में इनके लक्षण स्पष्ट नहीं होते. ऐसे में समय पर स्क्रीनिंग होने से बीमारी की पहचान पहले ही की जा सकती है. स्वास्थ्य विभाग इसी सोच के साथ लोगों तक पहुंचकर जांच और परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दे रहा है.
NCD Screening Narayanpur: बीमारी से पहले खतरे की पहचान पर जोर
डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर संभावित बीमारी और उससे जुड़े जोखिम कारकों का पता लगाया जाएगा. यदि किसी व्यक्ति को उपचार की जरूरत होगी तो उसे आवश्यक सलाह और दवा उपलब्ध करायी जाएगी. गंभीर या आगे की जांच की जरूरत वाले मरीजों को अस्पताल में पंजीकरण और उपचार की सुविधा से जोड़ा जाएगा.
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि गैर-संचारी बीमारियों की समय रहते पहचान, जोखिम कारकों को कम करने और उचित उपचार से असमय होने वाली मौतों को रोकने में मदद मिल सकती है. इसके लिए लोगों को भी स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए जागरूक किया जाएगा.
अभियान की शुरुआत के मौके पर डॉ. अंकित कुमार, बीसीएम आरती कुमारी सहित सीएचसी के अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे. आने वाले दिनों में अभियान के तहत स्वास्थ्यकर्मी क्षेत्र में लोगों तक पहुंचकर जांच और उपचार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे.
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