कहलगांव : अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार, कहलगांव के तत्वावधान में रविवार को ओगरी पंचायत भवन में नालसा की जागृति योजना के तहत विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन अवर न्यायाधीश सह अध्यक्ष अखिलेश कुमार और मुंसिफ सह सचिव विकास गौरव के निर्देशन में किया गया.
शिविर में पैनल अधिवक्ता रितेश कुमार यादव और पीएलवी ने ग्रामीणों को नालसा की जागृति योजना के साथ-साथ नालसा की ओर से चलाये जा रहे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के बारे में जानकारी दी.
कानूनी जानकारी सीधे लोगों तक पहुंचाने पर जोर
पैनल अधिवक्ता ने बताया कि नालसा की कार्ययोजना के तहत कानूनी जानकारी को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय सीधे आम लोगों तक पहुंचाया जा रहा है. इसका उद्देश्य लोगों को उनके मौलिक अधिकारों और उपलब्ध कानूनी उपचारों की जानकारी देना है, ताकि कानून की जानकारी के अभाव में कोई नागरिक अपने अधिकारों से वंचित न रहे.
खासकर जरूरतमंद, कमजोर और वंचित वर्ग के लोगों को उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया.
बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी
शिविर में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत उपलब्ध कानूनी प्रावधानों और सुरक्षा के बारे में भी ग्रामीणों को बताया गया. बाल विवाह की रोकथाम के लिए बाल विवाह निषेध अधिकारियों की सक्रिय निगरानी और समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर चर्चा की गयी.
ग्रामीणों को बाल विवाह के सामाजिक और कानूनी दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने की अपील की गयी.
इस अवसर पर स्कूल के मुखिया पंकज कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
