रामनवमी पर्व 27 मार्च को मनाया जायेगा. इस अवसर पर धार्मिक स्थलों पर ध्वज स्थापित किये जायेंगे. विभिन्न जगहों पर शोभायात्रा निकाली जायेगी. इससे होनेवाली भीड़ की संभावना के मद्देनजर जिला व पुलिस प्रशासन ने शांति-व्यवस्था के लिए कड़ी तैयारी की है. इसके लिए सदर अनुमंडल क्षेत्र में 263 और कहलगांव अनुमंडल क्षेत्र में 95 जगहों पर मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गयी है. इस संबंध में जिलाधिकारी व एसएसपी ने संयुक्त आदेश जारी किया है. अफसरों को कई निर्देश दिये गये हैं. पूरे आयोजन के दौरान सतर्कता बरतेंगे. अफवाहों के कारण अशांति की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. ऐसे मामलों में जरूरी कार्रवाई की जायेगी. शोभायात्रा में शामिल किसी भी लोगों के कारण विवाद होगा, तो आयोजनकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. पूर्व में जहां तनाव की स्थिति बनी है, वहां विशेष सतर्कता बरती जायेगी. शांति भंग होने की आशंका होने पर निरोधात्मक कार्रवाई की जायेगी. शोभायात्रा निकालने के लिए आयोजकों को लाइसेंस लेना जरूरी होगा. शोभायात्रा पुराने मार्गों पर ही निकलेगी. किसी कारण मार्ग उपयुक्त नहीं होने पर ही रूट में बदलाव किया जायेगा. सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष कार्यरत कर दिया गया है, जिसकी दूरभाष संख्या – 0641-2402082 है. यह 29 मार्च तक कार्यरत रहेगा. विद्युत कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया है कि क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित करेंगे, जो बिजली संबंधी किसी घटना की सूचना पर तुरंत संबंधित स्थल पर पहुंचेगी. जेएलएनएमसीएच के अधीक्षक को 24 घंटे पालीवार चिकित्सकों व चिकित्साकर्मियों का रोस्टर बनाते हुए तैनात रखने का निर्देश दिया गया है.
रामनवमी जुलूस को लेकर प्रशासन ने की बैठक, सुरक्षा व समन्वय पर दिये निर्देश
रामनवमी जुलूस के शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित आयोजन को लेकर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नगर अजय कुमार चौधरी एवं अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) विकास कुमार के नेतृत्व में भगवा क्रांति एवं हिन्दुत्व सेवा संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गयी. बैठक में जुलूस के दौरान विधि-व्यवस्था बनाये रखने, सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा आपसी समन्वय बनाये रखने पर विशेष जोर दिया गया. अधिकारियों ने आयोजकों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जुलूस निर्धारित मार्ग और समय के अनुसार ही निकाला जाये. किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें. साथ ही प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने की अपील की गयी, ताकि पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके.
