नृत्य जीवन के लिए महत्वपूर्ण है. यह मन के भावों को इस संवेदनशीलता के साथ पेश करता है, जो सीधे दिल में उसे अपना मुरीद बना लेता है. उक्त बातें पंजाब से आये नृत्य कलाकार सह प्रशिक्षक हरमन प्रीत ने कही. मौका था शनिवार को ताल नृत्य संस्थान की ओर से खरमनचक स्थित मारवाड़ी व्यायाम शाला परिसर में नौ दिवसीय प्रस्तुति परक नृत्य कार्यशाला के शुभारंभ का. पूर्व उप महापौर सह निगम पार्षद डॉ प्रीति शेखर ने कहा कि लोक संस्कृति एवं सभ्यता को बढ़ावा देने में इस संस्थान का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. संस्थान की निदेशक श्वेता भारती स्वयं प्रतिभाशाली कलाकारों से व्यक्तिगत रूप से जुड़ कर उन्हें तराशने और उन्हें बेहतर प्लेटफार्म देने में सदा शिद्दत से लगी रही हैं. सुंदरवती महिला महाविद्यालय की प्राचार्य निशा झा ने कहा कि आज डीजे के शोर में हमारी लोक संस्कृति लुप्त प्राय हो रही है. स्त्री रोग रोग विशेषज्ञ अंजू तुरिया ने कहा कि नृत्य देश की शान है जो लोक नृत्य करते हैं दुनिया के हर प्रकार का नृत्य कर सकते हैं. कुमकुम त्रिवेदी ने कहा कि पढ़ाई के साथ बच्चों को नृत्य कला में भी पारंगत होना चाहिए. यह हमें अपनी संस्कृति के मिठास से अवगत कराता है. प्राइवेट स्कूल संगठन भागलपुर के सचिव अश्विनी कुमार भी उपस्थित थे. कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन संजीव कुमार दीपू ने किया.
bhagalpur news. नृत्य बिना जीवन नीरस व बेकार : हरमन प्रीत
नृत्य जीवन के लिए महत्वपूर्ण है. यह मन के भावों को इस संवेदनशीलता के साथ पेश करता है, जो सीधे दिल में उसे अपना मुरीद बना लेता है
