Nathnagar Leopard News: नाथनगर. रविवार देर शाम नाथनगर के चंपानगर स्थित मसकन और बरारीपुर इलाके में अचानक चीता देखे जाने की सूचना फैल गयी. देखते ही देखते इलाके में डर का माहौल बन गया. लोगों ने अपने-अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिये और बाहर निकलने से बचने लगे. सूचना गंभीर होने के कारण वन विभाग भी तत्काल सक्रिय हुआ और इलाके में सर्च अभियान चलाया गया.
भागलपुर के वन प्रमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर रेस्क्यू टीम संबंधित इलाकों में पहुंची. टीम ने काफी देर तक आसपास के क्षेत्रों में छानबीन की. लोगों से मिली सूचना के आधार पर संभावित जगहों को खंगाला गया और जानवर की मौजूदगी के संकेत तलाशे गये.
खोजबीन के दौरान वन विभाग की टीम को एक जगह जानवर के पैरों के निशान मिले. इसके बाद इन पदचिह्नों की बारीकी से जांच की गयी. जांच के बाद जो तस्वीर सामने आयी, उसने चीता को लेकर फैली दहशत को खत्म कर दिया. वन विभाग के अनुसार मिले पंजों के निशान चीता के नहीं, बल्कि जंगली बिल्ली के थे.
पंजों के निशान मिले, लेकिन चीता के नहीं
वन विभाग की टीम ने मिले पंजों के निशान की जांच करने के साथ उसका जीपीएस लोकेशन भी दर्ज किया. पंजों के निशान का फोटोग्राफ लिया गया, ताकि इसे रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रखा जा सके.
जांच के बाद इलाके में चीता होने की आशंका को खारिज कर दिया गया. यानी जिस जानवर को लेकर इलाके में दहशत फैल गयी थी, उसकी मौजूदगी के कोई प्रमाण वन विभाग को नहीं मिले.
वन विभाग की कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली. रविवार देर शाम सूचना मिलने के बाद कई लोग डर की वजह से अपने घरों में ही बंद हो गये थे. खासकर बच्चों और परिवार के दूसरे सदस्यों की सुरक्षा को लेकर लोग परेशान थे.
शहरी इलाके में चीता आने की बात पर उठे सवाल
चंपानगर का मसकन और बरारीपुर इलाका शहरी क्षेत्र में आता है. ऐसे में यहां चीता देखे जाने की बात सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गयी थी.
नाथनगर और भागलपुर जिले के दूरदराज के जंगली इलाकों को छोड़ दें, तो चंपानगर के छोटे-मोटे जंगल या झाड़ी वाले इलाके में चीते के पहुंचने की संभावना को लेकर स्थानीय लोग पहले से ही असमंजस में थे. हालांकि सूचना मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग ने इसे हल्के में नहीं लिया और मौके पर पहुंचकर जांच की.
सर्च अभियान के बाद जब चीते की मौजूदगी के बजाय जंगली बिल्ली के पदचिह्न मिले, तो तस्वीर काफी हद तक साफ हो गयी.
क्या लोगों को डराने के लिए फैलाई गयी थी अफवाह?
चीते की मौजूदगी की पुष्टि नहीं होने के बाद अब इलाके में इस बात को लेकर भी चर्चा शुरू हो गयी है कि आखिर चीता दिखने की सूचना कहां से आयी और किस आधार पर यह बात फैली.
कुछ स्थानीय लोगों ने आशंका जतायी कि इलाके में कथित तौर पर स्मैकरों के कई अड्डे लगते हैं. ऐसे में यह भी सवाल उठ रहा है कि कहीं लोगों को डराने और उन्हें घरों के भीतर रहने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से तो यह अफवाह नहीं फैलायी गयी.
हालांकि इस आशंका की अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है. वन विभाग की जांच में केवल जंगली बिल्ली के पदचिह्न मिले हैं. इसलिए फिलहाल इसे अफवाह या गलत पहचान के तौर पर ही देखा जा रहा है. यदि पुलिस या प्रशासन को इस संबंध में कोई शिकायत या ठोस जानकारी मिलती है, तभी यह स्पष्ट हो सकेगा कि सूचना के पीछे वास्तविक कारण क्या था.
Nathnagar Leopard News: वन विभाग ने लोगों से की अपील
सर्च अभियान में वनरक्षी सुबोध दास, शुभम कुमार, मो. मुमताज, मो. अरशद और बीरबल कुमार शामिल थे. टीम ने इलाके में जांच करने के बाद लोगों को राहत दी.
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी स्थान पर जंगली जानवर दिखाई देता है, तो उसके पीछे खुद जाने या उसे पकड़ने की कोशिश नहीं करें. ऐसी स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच कर सके.
इस घटना ने एक बार फिर यह भी दिखाया कि जंगली जानवर से जुड़ी कोई सूचना कितनी तेजी से लोगों में डर पैदा कर सकती है. ऐसे में बिना पुष्टि के किसी भी सूचना पर भरोसा करने के बजाय पुलिस या वन विभाग से इसकी जानकारी लेना ज्यादा सुरक्षित है.
