कहीं भगवान आदिनाथ का मस्तकाभिषेक, कहीं रंगोली के साथ शृंगार, तो कहीं हुआ अष्टयाम

अक्षय तृतीया पर शुक्रवार को बूढ़ानाथ, आदमपुर स्थित शिव शक्ति मंदिर, कोतवाली स्थित कुपेश्वरनाथ, वेराइटी चौक स्थित दुग्धेश्वरनाथ, अलीगंज स्पिनिंग मिल के समीप हनुमान मंदिर में पूजन व धार्मिक अनुष्ठान हुआ.

अक्षय तृतीया पर शुक्रवार को बूढ़ानाथ, आदमपुर स्थित शिव शक्ति मंदिर, कोतवाली स्थित कुपेश्वरनाथ, वेराइटी चौक स्थित दुग्धेश्वरनाथ, अलीगंज स्पिनिंग मिल के समीप हनुमान मंदिर में पूजन व धार्मिक अनुष्ठान हुआ. वहीं, जैन मंदिर में अक्षय तृतीया महोत्सव हुआ. यहां भगवान आदिनाथ का मस्तकाभिषेक हुआ. इसे लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही. बूढ़ानाथ मंदिर के उप प्रबंधक दीपक सिंह के संचालन में बूढ़ानाथ मंदिर में संध्या में रंगोली सजायी गयी. शृंगार पूजन हुआ. अधिवक्ता निशित मिश्रा ने बताया कि अलीगंज स्पिनिंग मिल के समीप हनुमान मंदिर में भजन-कीर्तन हुआ. श्री दादी जी सेवा समिति की ओर से चुनिहारी टोला स्थित राणी सती मंदिर में विशेष पूजन, शृंगार व महाआरती का कार्यक्रम हुआ. राणी सती मां को खीर, पूड़ी, फल व मेवा का भोग लगाया गया. मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा कलश में जल भर कर पंखा, चरण पादूका, छाता, जूता, गौ, स्वर्ण पात्र आदि का दान भी किया गया. जैन मंदिर में मनाया गया अक्षय तृतीया महोत्सव

श्री दिगंबर जैन मन्दिर,कोतवाली चौक में अक्षय तृतीया महोत्सव धूमधाम से हुआ. भगवान आदिनाथ का स्वर्ण कलश से मस्तकाभिषेक किया गया. सुभाष छाबड़ा ने स्वर्ण कलश से, तो शांतिलाल काला ने रजत कलश से अभिषेक किया. निर्मल पाटनी ने विश्व शांति धारा की. राजीव पाटनी ने मंत्रो का पाठ किया. श्रद्धालुओं ने श्री विधान जयघोष के साथ किया. सज्जन विनायका ने भजन प्रस्तुत किया. अशोक पाटनी ने कहा जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का प्रथम आहार अक्षय तृतीया के दिन हुआ था. दीक्षा उपरांत साधना के कई माह बीतने पर राजा श्रेयांस ने भगवान आदिनाथ को प्रथम अक्षय तृतीया के पावन दिन इक्षु रस का आहार दिया था. इसलिए इसे अक्षय तृतीया के रूप में मानते हैं. सिद्धक्षेत्र मंत्री सुनील जैन ने अक्षय तृतीया की बधाई दी. मौके पर विजय रारा , पदम पाटनी, सुमंत पाटनी, स्वरूप छाबड़ा, राजेश पाटनी, पवन अजमेरा, विशाल पाटनी आदि उपस्थित थे.

हुसैनाबाद में अखंड हरिनाम कीर्तन का शुभारंभ

हुसैनाबाद अंबेई रोड जुल्मी काली मंदिर परिसर में अखंड हरिनाम कीर्तन का शुभारंभ हुआ. यजमान विनोद गुप्ता ने कार्यक्रम का संचालन किया. मौके पर राजीव गुप्ता, पिंटू गुप्ता, विनोद कुमार आदि उपस्थित थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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