भागलपुर के कहलगांव में फोरलेन बना, लेकिन बंद हो गया पानी का रास्ता! 20 एकड़ फसल पर संकट, किसानों ने NHAI से लगाई गुहार

Bhagalpur News: कहलगांव में फोरलेन सड़क निर्माण के कारण पुलों के नीचे पानी का रास्ता बंद हो गया है. इससे 20 एकड़ कृषि भूमि पर जलभराव का खतरा मंडरा रहा है. ग्रामीण NHAI से तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं.

Bhagalpur News: कहलगांव. सड़क चौड़ीकरण से बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद थी, लेकिन अब वही परियोजना किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई है. कहलगांव अनुमंडल के कीर्तनिया पंचायत में दो पुल बंद होने से बरसात का पानी निकलने का रास्ता रुक गया है. किसानों का दावा है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 15 से 20 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो सकती है और कई घरों में भी पानी घुसने का खतरा है. इसे लेकर ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.

सड़क चौड़ीकरण के बाद बढ़ी परेशानी

मामला कीर्तनिया पंचायत के पकड़िया मोड़ से पूरब और फोरलेन सड़क मोड़ के बीच का है. ग्रामीणों के अनुसार सड़क चौड़ीकरण के दौरान पुराने पुलों के ऊपर नया पुल तो बना दिया गया, लेकिन बरसाती पानी की निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई.

ग्रामीणों का कहना है कि पहले जहां पानी आसानी से निकल जाता था, अब रास्ता बाधित होने से बारिश के दौरान 4 से 5 फीट तक पानी जमा हो रहा है. इससे खेतों और आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बन रही है.

20 एकड़ फसल पर मंडराने लगा संकट

बरसात शुरू होते ही किसानों की चिंता बढ़ गई है. उनका कहना है कि यदि पुल नहीं खोला गया और पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो 15 से 20 एकड़ खेतों में लगी फसल बर्बाद हो सकती है.

किसानों के मुताबिक जलभराव का असर केवल खेती तक सीमित नहीं रहेगा. यदि लगातार बारिश हुई तो आसपास के घरों में भी पानी घुस सकता है, जिससे जान-माल का नुकसान होने की आशंका है.

'समस्या का समाधान नहीं हुआ तो भारी नुकसान होगा'

स्थानीय किसान अविनाश कुमार उर्फ बबलू ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान पुल तो बना दिए गए, लेकिन पानी के प्राकृतिक बहाव का रास्ता छोड़ना जरूरी था. उनका कहना है कि कुछ रैयतों ने पुल के मुहाने भी बंद कर दिए हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है.

उन्होंने कहा कि यदि तत्काल पुल नहीं खोला गया तो किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा और बड़ी संख्या में फसल डूब सकती है.

50 किसानों ने हस्ताक्षर कर सौंपा आवेदन

ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 50 किसानों के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन के माध्यम से अंचलाधिकारी पीरपैंती को भी जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

आवेदन पर संजय महतो, रंजीत कुमार, रिशु कुमार, अमरनाथ महतो, हीराचंद महतो, देव कुमार महतो, कंचन कुमार तिवारी, धनपाल महतो, मनोज मिश्रा, ललन सिंह, अशोक महतो, कपिल देव महतो, धर्मदेव महतो सहित कई किसानों के हस्ताक्षर हैं.

Bhagalpur News: अब NHAI से तत्काल कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांग की है कि दोनों बंद पुलों को जल्द खोला जाए और बारिश के पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उनका कहना है कि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो खेती, ग्रामीण जीवन और स्थानीय आवागमन तीनों प्रभावित होंगे.

अब किसानों की नजर प्रशासन और NHAI की अगली कार्रवाई पर टिकी है. यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो बरसात के बीच यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है.

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Author: Rishi Kant

Published by: Pratyush Prashant

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