bhagalpur news. नहाय-खाय के साथ जिउतिया अनुष्ठान शुरू, आज माताएं रखेंगी निर्जला व्रत

अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि रविवार को संतान की लंबी उम्र, समृद्धि व उन्नत जीवन के लिए माताएं जिउतिया व्रत रखेंगी. शनिवार को नहाय खाय के साथ जिउतिया अनुष्ठान शुरू हो गया.

अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि रविवार को संतान की लंबी उम्र, समृद्धि व उन्नत जीवन के लिए माताएं जिउतिया व्रत रखेंगी. शनिवार को नहाय खाय के साथ जिउतिया अनुष्ठान शुरू हो गया.

जिउतिया व्रत को लेकर नहाय खाय के दिन शनिवार को गंगा तटों बरारी पुल घाट, सीढ़ी घाट, हनुमान घाट, एसएम कॉलेज सीढ़ी घाट, बूढ़ानाथ आदि पर स्नान करने के लिए व्रतियों की भीड़ उमड़ी. साथ ही मुख्य बाजार सूजागंज सब्जी मंडी, फल बाजार, मिरजानहाट, तिलकामांझी चौक, अलीगंज चौक में खरीदारों की भीड़ उमड़ी. शनिवार को व्रती माताओं ने नहाय-खाय अनुष्ठान के लिए गंगा स्नान करके तरह-तरह का व्यंजन तैयार किया और पुत्र, परिवार समेत खुद भी सात्विक तरीके से ग्रहण किया. खासकर भोजन में कच्चू, झिंगनी की सब्जी को अनिवार्य माना गया. इसके अलावा अन्य हरी सब्जियों के साथ दाल-चावल, पकौड़ी, पापड़ आदि व्यंजन तैयार किया गया.

फल बाजार व मिठाई दुकानों में दिनभर रही रौनक

जिउतिया व्रत को लेकर फल बाजार व मिठाई दुकानों पर रौनक रही. फल बाजार में सेब की कीमत 120 से 140 रुपये किलो, अनार 150 से 160 रुपये किलो, नासपाती 100 रुपये किलो, मौसमी 60 रुपये किलो, नारंगी 100 रुपये किलो एवं केला 50 से 60 रुपये दर्जन तक बिके. शहर से सटे इलाकों में खाजा की कीमत 150-160 रुपये किलो, जबकि शहरी क्षेत्र में 180 से 200 रुपये किलो बिक रहे हैं. पिरिकिया 200 व ठेकुआ 180 रुपये प्रति किलो सामान्य रूप से बिक रहे हैं, जबकि आदर्श जलपान समेत अन्य दुकानों में 300 से 500 रुपये किलो तक खाजा व ठेकुआ बिके. संचालक बलराम झुनझुनवाला ने बताया कि उनके यहां रिफाइन वाला ठेकुआ व खाजा की कीमत 300 रुपये किलो, जबकि घी वाला की 500 रुपये किलो है. सूखा पिरिकिया की कीमत 750 रुपये किलो, जबकि रस वाला का 650 रुपये किलो है. दोनों घी में तैयार किया हुआ है.

जिउतिया का शुभ मुहूर्त

अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 14 सितंबर रविवार को प्रात: 05:04 बजे शुरू होगी और 15 सितंबर को रात्रि 3:06 बजे समाप्त होगी. यह पर्व तीन दिनों तक चलता है. इस बार यह व्रत 13 सितंबर से 15 सितंबर तक चलेगा. 13 को नहाय खाय और 14 को निर्जला व्रत रखा जायेगा. इसके बाद 15 सितंबर को व्रत का पारण किया जायेगा.

निर्जला व्रत रखती हैं महिलाएं

यह 24 घंटे का निर्जला व्रत होता है. जिउतिया व्रत संतान की दीर्घायु और उनकी सुख समृद्धि के लिए रखा जाता है. इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र के लिए निर्जला उपवास रखती हैं. निर्जला उपवास रखने के बाद जिउतिया व्रत का पारण तीसरे दिन प्रातः काल पूजा-पाठ के बाद सूर्य देव को अर्घ देकर किया जाता है.

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Author: ATUL KUMAR

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