पूर्वी बिहार, कोसी-सीमांचल में IMD का मानसून पूर्वानुमान फेल, आसमान से लगातार बरस रहे 'अंगारे'

भागलपुर में दो-तीन दिन बाद हल्की या सामान्य बारिश का अनुमान हर दिन लगाया जा रहा है, लेकिन आसमान से लगातार 'अंगारे' बरस रहे हैं. अररिया और कटिहार में हर दिन बारिश हो रही है, किशनगंज में रुक गई है, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया और भागलपुर में लोग इंतजार कर रहे हैं


संजीव झा, भागलपुर. IMD Forecast: इस बार मॉनसून में 10 दिन की देरी हो गयी है. आइएमडी ने 12 जून को ही बिहार में मॉनसून के प्रवेश का अनुमान लगाया था, लेकिन 22 जून पार कर गया और लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं. पूर्वी बिहार, कोसी, सीमांचल में मॉनसून की झमाझम बारिश का फोरकास्ट फेल हो चुका है. हालांकि, अररिया व कटिहार में लगातार बारिश हो रही है. किशनगंज में शुक्रवार से ही बारिश बंद है. मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया व भागलपुर के लोग झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं. चिलचिलाती धूप और उमस ने परेशान कर दिया है.

सबसे ज्यादा परेशान हैं किसान

बादल की लुकाछिपी ने सबसे ज्यादा किसानों को परेशान किया है. बारिश के अभाव में एक फीसदी भी बिचड़ा गिराने का काम नहीं हुआ है. भागलपुर जिले में मात्र 45 हेक्टेयर में बिचड़ा गिराये गये हैं, जबकि सामान्य बारिश होने पर पांच जुलाई तक शत-प्रतिशत बिचड़ा गिर जाता था. मृगशिरा नक्षत्र खत्म हो चुका है. अब आद्रा नक्षत्र ही बिचड़ा डालने का उपयुक्त नक्षत्र बचा है. सुखाड़ की दस्तक की आंशका किसानों को खाये जा रही है. जिला कृषि पदाधिकारी अनिल यादव कहते हैं कि जिले में मानसून आने में देरी हुई है. फिर भी किसान लगातार बिचड़ा लगाने की कोशिश कर रहे हैं. जिले में 52 हेक्टेयर भूमि में बिचड़ा लगाने का लक्ष्य है.

अब आइएमडी का अनुमान- 26 जून तक मध्यम बारिश

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर (भागलपुर) के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल पदाधिकारी डॉ सुनील कुमार ने बताया कि 22 से 26 जून के बीच भागलपुर जिले में तापमान में कमी बनी रह सकती है. इस दौरान आसमान में बादल छाये रह सकते हैं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. इस दौरान पूर्वा हवा चलेगी, हवा की गति आठ से 11 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है.

यह है पूर्वी बिहार, कोसी और सीमांचल की स्थिति

  • पूर्णिया : 20 जून की रात हल्की बारिश हुई थी. यहां नियमित बारिश नहीं हो रही है. धान का बिचड़ा सूख रहा है. अब तक खेतों में बिचड़ा गिर जाना शुरू हो जाना था.
  • अररिया : लगातार बारिश हो रही है. कुर्साकांटा, पलासी, जोकीहाट प्रखंड के पूर्वी हिस्सों में बकरा, नूना व परमान नदियों में पानी बढ़ा है. निचले इलाके में पानी फैल रहा है. निचले इलाके में धान का बिचड़ा गल गया है, जबकि ऊपरी इलाके के किसान खुश हैं.
  • सुपौल : कड़ी धूप से लोग परेशान हैं. बारिश का अता-पता नहीं है. मरौना, सुपौल, निर्मल्ली, सरायगढ़ व किसनपुर प्रखंड की 16 पंचायतों में बाढ़ के पानी से मूंग व मक्का की फसल बर्बाद हो गयी है.
  • मधेपुरा : शुक्रवार से बारिश बंद है. बादल लगातार घिर रहे हैं. उमस बनी हुई है. निचले हिस्से में धान की खेती हो रही है. अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन झमाझम बारिश का लोग इंतजार कर रहे हैं.
  • कटिहार : 20 व 21 जून को सुबह में आधे-आधे घंटे की बारिश हुई. खेती पीछे हो गयी है. धान के बिचड़ों में किसान पटवन कर रहे हैं. धान लगाना मुश्किल हो गया है. मखाने की खेती को अधिक पानी जरूरत होती है, जो पूरी नहीं हो पा रही है.

Also Read:

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >