भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट:
जिले में पिछले 11 जून से मौसम का मिजाज लगातार दगा दे रहा है. मानसून के दस्तक देने के बावजूद आसमान से बारिश की एक बूंद तक नहीं टपकी है. मौसम विभाग लगातार बारिश होने का अनुमान जता रहा है, लेकिन मानसून की बेरुखी के आगे ये भविष्यवाणियां फेल साबित हो रही हैं. पिछले दो दिनों से आसमान में काले बादल तो घिर रहे हैं, मगर वे बिना बरसे ही निकल जाते हैं. बारिश न होने की वजह से हवा में उमस काफी बढ़ गई है, जिससे आम जनजीवन बेहाल है और लोगों को तीखी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है.
अभी पांच दिन और सताएगी उमस
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल अगले पांच दिनों तक लोगों को इस उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम ही हैं. आसमान में काले बादल जरूर उमड़ेंगे और तेज गर्जना भी होगी, लेकिन उनके बरसने की संभावना न के बराबर है. मौसम का यह मिजाज लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है. दिनभर गर्मी और उमस से लोग पसीने से तरबतर हो रहे हैं, जबकि रात में भी राहत नहीं मिल रही है.
किसानों की बढ़ी चिंता
बारिश की इस लंबी खामोशी ने खरीफ फसलों की बुआई और खेती की तैयारी में जुटे किसानों की चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं. खेतों में नमी की कमी के कारण किसान बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो खेती का पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है.
पांच दिन बाद बदल सकता है मौसम
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल पदाधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार ने बताया कि अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह शुष्क और उमस भरा बना रहेगा. इस दौरान राहत की कोई उम्मीद नहीं है. हालांकि, पांच दिन बीतने के बाद मौसम के रुख में कुछ सकारात्मक बदलाव आने की संभावना जताई जा रही है. मौसम में बदलाव के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है.
