Maulana Chak Urs-e-Pak 2026 : भागलपुर के मौलानाचक स्थित प्रसिद्ध सूफी संत हजरत मौलाना शहबाज मोहम्मद रहमतुल्लाह अलैह का 399वां उर्स-ए-पाक शुक्रवार से शुरू होगा. तीन दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन को लेकर खानकाह परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं. उर्स में बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा गुजरात, पश्चिम बंगाल, झारखंड, दिल्ली, मुंबई, नेपाल और बांग्लादेश से भी जायरीन के पहुंचने की संभावना है.
झंडोत्तोलन के साथ शुरू होगा उर्स-ए-पाक
सज्जादानशीन सैयद शाह इंतेखाब आलम शहबाजी ने बताया कि उर्स-ए-पाक का आगाज शुक्रवार शाम सात बजे दरगाह परिसर में झंडोत्तोलन के साथ होगा. इसके बाद मस्जिद परिसर में कुरानखानी का आयोजन किया जाएगा. रात करीब 9.30 बजे हजरत मौलाना सैयद शाह आसिल शहबाजी रहमतुल्लाह अलैह के मजार पर फातिहा पढ़ी जाएगी.
रात दस बजे नातिया कार्यक्रम, मुशायरा और विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. उर्स को लेकर खानकाह परिसर को आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है.
चादरपोशी और जलसा कार्यक्रम होगा आकर्षण का केंद्र
उर्स के दूसरे दिन शनिवार को दरगाह शरीफ पर रात दस बजे चादरपोशी की जाएगी. इसके बाद रात 11 बजे से जलसा कार्यक्रम आयोजित होगा. इससे पहले सुबह शाहजहानी मस्जिद में कुरानखानी और दुआ का आयोजन किया जाएगा.
उर्स के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से उलेमा-ए-दीन भी शामिल होंगे. उत्तर प्रदेश से मौलाना मुफ्ती मोहम्मद कमरूउद्दीन सकाफी तकरीर करेंगे. वहीं झारखंड और कोलकाता से नातिया कार्यक्रम के लिए कलाकार पहुंचेंगे.
हाफिज और आलिमों की होगी दस्तारबंदी
जामिया मदरसा शहबाजिया से शिक्षा प्राप्त हाफिज और आलिमों की दस्तारबंदी भी उर्स कार्यक्रम के दौरान की जाएगी. मदरसा से शिक्षा प्राप्त कई विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा.
सज्जादानशीन ने बताया कि उर्स-ए-पाक धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक भी है. इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर आध्यात्मिक संदेश प्राप्त करते हैं.
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी
उर्स में आने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. दरगाह परिसर और आसपास के क्षेत्रों में CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं. इसके अलावा ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की व्यवस्था की जाएगी.
पुलिस प्रशासन से भी सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग मांगा गया है, ताकि जायरीन को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो. आयोजन समिति की ओर से भी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है.
400वें उर्स को लेकर अभी से तैयारी
हजरत मौलाना शहबाज मोहम्मद रहमतुल्लाह अलैह का वर्ष 2027 में 400वां उर्स-ए-पाक मनाया जाएगा. खानकाह प्रबंधन के अनुसार यह आयोजन विशेष और भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा.
