bhagalpur news. कंप्यूटर के साथ तीन सौ शोधार्थियों के थीसिस का हार्ड व साॅफ्ट कॉपी भी चोरी

टीएमबीयू के सेंट्रल लाइब्रेरी में छुट्टी के दौरान हुई चोरी की घटना में हुए नुकसान का खुलासा होने लगा है

टीएमबीयू के सेंट्रल लाइब्रेरी में छुट्टी के दौरान हुई चोरी की घटना में हुए नुकसान का खुलासा होने लगा है. बताया जा रहा है कि लाइब्रेरी से जिस कंप्यूटर की चोरी हुई है, उसमें करीब तीन सौ शोधार्थियों की थीसिस भी थी. जानकारी के अनुसार शोध गंगा पोर्टल पर थीसिस अपलोड करने के बाद हार्ड व साॅफ्ट कॉपी कंप्यूटर के डेस्कटॉप पर रखा गया था. साथ ही कई महत्वपूर्ण फाइल भी अपलोड था. इसका उद्देश्य है कि दूसरे विवि के शोधार्थी शोध गंगा पोर्टल के माध्यम से थीसिस का अवलोकन कर सकते हैं. महत्वपूर्ण चीजों को अपने काम के हिसाब से लिख सकते हैं, ताकि रिसर्च के क्षेत्र में उन्हें फायदा मिल सकें. सूत्रों के अनुसार शोध गंगा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए थीसिस के एक-एक पार्ट को पहले अलग फिर सारे चीजों को जोड़ कर अपलोड किया जाता. ऐसे में कंप्यूटर चोरी होने से लाइब्रेरी के अधिकारी व कर्मियों में हड़कंप मचा है. उधर, लाइब्रेरी के प्रभारी इंचार्ज डॉ आनंद कुमार झा ने दावा किया कि थीसिस की चोरी नहीं हुई है. क्योंकि सभी थीसिस शोध गंगा पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है. दूसरे राज्य के शोधार्थी भी पोर्टल खोल कर टीएमबीयू का थीसिस देख सकते हैं. अब नया थीसिस अपलोड करने के लिए कंप्यूटर की जरूरत है. कंप्यूटर के बीना शोध गंगा पोर्टल पर थीसिस अपलोड नहीं हो पायेगा.

चोरी मामले में प्राथमिकी दर्ज

चोरी की घटना सामने आने के बाद विवि प्रशासन ने 24 घंटे बाद गुरुवार को विवि थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है. विवि के इस्टेट पदाधिकारी डॉ जैनेंद्र कुमार ने विवि थाना में दिये आवेदन में अज्ञात चोर पर प्राथमिकी दर्ज करायी है. आवेदन के माध्यम से कहा कि करीब आठ से दस लाख की संपत्ति चोरी की गयी है. उधर, थाना की पुलिस मौके पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी है.

लाइब्रेरी दरबान भी शक के घेरे में

चोरी मामले को लेकर लाइब्रेरी के दरबान भी शक के घेरे में है. वारदात के बाद लाइब्रेरी के प्रभारी इंचार्ज डॉ आनंद कुमार झा ने दरबान को शोकॉज किया था. कहा कि दरबान द्वारा दिये गये जवाब संतोषपद्र नहीं है. ऐसे में प्रभारी कुलपति को सारी जानकारी दे दी गयी है. दूसरी तरफ लाइब्रेरी के रात्रि सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगा है. चोरी हुई, तो दरबान को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई. क्या रात्रि ड्यूटी से गायब था, ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. इसे लेकर लाइब्रेरी के कर्मचारी भी कुछ बोलने से बच रहे हैं.

चोर के रडार पर कॉपर वायर

चोरी हुए अधिकतर पंखे पुराने जमाने के थे. उसमें कॉपर वायर का वेट अधिक था. जानकारी के अनुसार पुराने पंखों की ही चोरी की गयी है. लाइब्रेरी के पीछे वाले हिस्से में पुराने पंखा का सारा पार्ट खोल कर कॉपर वायर निकाला गया है. जबकि पंखा के पार्ट को वहीं छोड़ दिया गया है.

रजिस्टर पर दर्ज हो रही हाजिरी

चोरों ने बायोमेट्रिक मशीन को तोड़ दिया है. ऐसे में लाइब्रेरी के कर्मचारी अब रजिस्टर पर ही हाजिरी बना रहे हैं. सूत्रों के अनुसार प्रभारी इंचार्ज ने विवि प्रशासन को पत्र लिखकर नया मशीन लगाने का अनुरोध किया, ताकि बायोमेट्रिक से हाजिरी बन सके.

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Author: ATUL KUMAR

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