भागलपुर जिले के नवगठित हबीबपुर नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था की जमीनी हकीकत नगर प्रशासन और स्वच्छता एजेंसियों के दावों की हवा निकाल रही है.
पंचायत क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में जगह-जगह कचरे का विशाल अंबार लगा हुआ है, जबकि मुख्य आवागमन वाली सड़कें भी बजबजाते कूड़े से अटी पड़ी हैं. नगर निकाय बनने के बावजूद बुनियादी सफाई व्यवस्था पटरी पर न लौटने और नियमित कचरा उठाव न होने के चलते स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश पनप रहा है.
दुर्गंध से जीना मुहाल, मच्छरों के प्रकोप से संक्रामक बीमारियों का साया
सड़कों के किनारे और मोहल्लों के मुहाने पर सड़ रहे कचरे से लगातार असहनीय दुर्गंध उठ रही है, जिसके चलते आसपास के घरों में रहने वाले लोगों का सांस लेना तक दूभर हो गया है.
गंदगी के इन ढेरों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है, वहीं मच्छरों और जहरीले कीड़े-मकोड़ों की तेजी से बढ़ती आबादी ने क्षेत्रवासियों की नींद उड़ा दी है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि कचरे का तत्काल निस्तारण नहीं किया गया, तो इलाके में डेंगू, मलेरिया, डायरिया और त्वचा से जुड़ी संक्रामक बीमारियां तेजी से पांव पसार सकती हैं.
संसाधनों की मौजूदगी के बाद भी लापरवाही: सफाई एजेंसी सवालों के घेरे में
नागरिकों का सीधा आरोप है कि नगर पंचायत के पास पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मी और कूड़ा ढुलाई के आधुनिक संसाधन मौजूद हैं, फिर भी धरातल पर हालात बद से बदतर बने हुए हैं.
सफाई का जिम्मा संभाल रही आउटसोर्सिंग एजेंसी की कार्यशैली और मॉनिटरिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि एजेंसी के कर्मचारी केवल खानापूर्ति कर चले जाते हैं, जिसके चलते गलियों और मुख्य मार्गों से कई-कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठाया जाता.
सघन विशेष सफाई अभियान चलाने और नियमित मॉनिटरिंग की मांग
आक्रोशित स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन, कार्यपालक पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की पुरजोर मांग की है.
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि सभी वार्डों और प्रमुख सड़कों पर तत्काल एक मुकम्मल 'विशेष सफाई अभियान' चलाया जाए. साथ ही नियमित डोर-टू-डोर कचरा उठाव सुनिश्चित करने, सड़े हुए कचरे वाले स्थानों पर कीटनाशक दवाओं व ब्लीचिंग पाउडर का सघन छिड़काव कराने तथा लापरवाह सफाई एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही गई है.
