सुलतानगंज : बाढ़ प्रभावित परिवारों को मिलने वाली जीआर (ग्रैच्युटस रिलीफ) राशि से सैकड़ों परिवारों के वंचित रहने की शिकायत सामने आयी है. अकबरनगर नगर पंचायत समेत आसपास की पंचायतों के बाढ़ प्रभावित परिवार राहत राशि के लिए सीओ और पंचायत जनप्रतिनिधियों के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद उनके खाते में राशि नहीं पहुंची है, जबकि कई परिवार ऐसे हैं, जिनका नाम राहत सूची में शामिल ही नहीं है.
सूची में नाम, फिर भी खाते में नहीं पहुंची राशि
बाढ़ प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनका नाम राहत सूची में दर्ज है, लेकिन अब तक खाते में जीआर राशि नहीं आयी है. वहीं, कुछ नये प्रभावित परिवारों ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित होने के बावजूद उनका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया है.
ऐसे परिवारों ने नाम जोड़ने के लिए सीओ को आवेदन दिया है. बताया गया कि सीओ ने पंचायत के जनप्रतिनिधियों से लाभुकों का सत्यापन कराने को कहा है.
अकबरनगर समेत कई पंचायतों में शिकायत
अकबरनगर नगर पंचायत के अलावा खेरेहिया, किशनपुर, महेशी, गनगनियां, इंग्लिश और चिचरौन पंचायत के कई लाभुकों ने राहत राशि नहीं मिलने की शिकायत की है. पीड़ित परिवारों ने बताया कि बाढ़ के दौरान उनका इलाका पानी में डूब गया था. आसपास के कई लोगों के खाते में राहत राशि पहुंच गयी, लेकिन कुछ परिवार अब भी इससे वंचित हैं.
पीड़ितों का कहना है कि बाढ़ के कारण पहले ही घर-गृहस्थी और रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ा है. ऐसे में राहत राशि नहीं मिलने से आर्थिक परेशानी बढ़ गयी है.
पिछले साल भी राहत राशि नहीं मिलने की शिकायत
कुछ बाढ़ प्रभावित परिवारों ने बताया कि पिछले वर्ष भी कई परिवार राहत राशि से वंचित रह गये थे. इस बार भी सूची में नाम नहीं होने या नाम दर्ज होने के बावजूद खाते में राशि नहीं आने से लोगों में नाराजगी है.
बाढ़ प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से राहत सूची की दोबारा जांच कराने और पात्र वंचित लाभुकों के खाते में जल्द राशि भेजने की मांग की है.
जनप्रतिनिधि ले रहे दस्तावेज, आवेदन भेजे जा रहे मुख्यालय
इधर, पंचायत जनप्रतिनिधियों की ओर से राहत राशि से वंचित लाभुकों से दोबारा जरूरी दस्तावेज लिये जा रहे हैं. लाभुकों को राशि दिलाने का आश्वासन भी दिया जा रहा है.
सुलतानगंज के सीओ रमन कुमार ने बताया कि जीआर राशि से वंचित परिवारों से आवेदन लिया जा रहा है और उनके आवेदन मुख्यालय भेजे जा रहे हैं.
