सरकारी अस्पतालों में रेफर व्यवस्था होगी सख्त, बिना कारण मरीज भेजने पर होगी कार्रवाई

भागलपुर जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की रेफर व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. रेफर से पहले मरीज को स्थिर करना और कारण बताना अनिवार्य होगा. 24 घंटे ICU व इमरजेंसी सेवा भी जारी रहेगी.

Government Hospital Referral: भागलपुर. जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों की रेफर व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किया है. स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि के निर्देश के आधार पर जिला स्वास्थ्य समिति ने सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है. रेफर व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कमेटी का गठन भी किया गया है.

रेफर से पहले स्पष्ट करना होगा कारण

नये निर्देश के अनुसार मरीज को रेफर करने से पहले संबंधित स्वास्थ्य संस्थान के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि अस्पताल में मरीज के इलाज के लिए आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं है. इसके बाद ही रेफर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. रेफर करने के कारण का स्पष्ट उल्लेख करना भी अनिवार्य होगा.

24 घंटे आइसीयू और इमरजेंसी सेवा रखने का निर्देश

स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे आइसीयू और इमरजेंसी सेवा संचालित रखने का निर्देश दिया है. अस्पतालों में पदस्थापित विशेषज्ञ चिकित्सक, सामान्य चिकित्सक और पारा मेडिकल कर्मियों का पूरा विवरण भाव्या पोर्टल पर दर्ज करना होगा. चिकित्सकों की ड्यूटी एवं उपस्थिति का रोस्टर भी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा.

रेफर से पहले मरीज को करना होगा स्थिर

आइपीडी, दुर्घटना और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को बिना अनावश्यक विलंब के प्राथमिक उपचार और आवश्यक जांच उपलब्ध कराने को कहा गया है. यदि मरीज को उच्च स्वास्थ्य संस्थान रेफर करना जरूरी हो तो पहले उसकी स्थिति स्थिर करनी होगी. इसके बाद सरकारी एंबुलेंस से संबंधित अस्पताल भेजा जाएगा.मरीज की पूरी जानकारी भाव्या पोर्टल पर दर्ज करने के साथ आभा आइडी बनाने और ईएचआर में चिकित्सकीय जानकारी दर्ज करने का भी निर्देश दिया गया है.

विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं तो ऑन कॉल बुलाया जा सकेगा

जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहने की स्थिति में संबंधित सिविल सर्जन अपने जिले के किसी अन्य स्वास्थ्य संस्थान में पदस्थ विशेषज्ञ चिकित्सक को ऑन कॉल बुलाकर मरीज का इलाज करा सकते हैं. विभाग ने स्पष्ट किया है कि विशेषज्ञ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास के बाद ही रेफर की प्रक्रिया अपनाई जाए.

अनावश्यक रेफर पर होगी साप्ताहिक समीक्षा

जिला स्तर पर गठित कमेटी स्वास्थ्य संस्थानों से रेफर किए गए मरीजों के कारणों की साप्ताहिक समीक्षा करेगी. प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित कर अनावश्यक रेफर रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. विभाग ने कहा है कि रेफर की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब भी स्वीकार नहीं किया जाएगा.

लापरवाही पर जिम्मेदार होंगे प्रभारी और अस्पताल प्रबंधक

विभागीय निर्देश के अनुसार रेफर की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी या नियमों की अनदेखी के लिए संबंधित अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और अस्पताल प्रबंधक जिम्मेदार माने जाएंगे. निर्देशों का पालन नहीं होने पर दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Atul kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >