अधिकारियों की कमी से जूझ रहा गोपालपुर प्रखंड कार्यालय, बीईओ से लेकर सीडीपीओ तक कई पद खाली
Bhagalpur News : गोपालपुर प्रखंड में सरकारी योजनाओं की रफ्तार अधिकारियों की कमी के कारण धीमी पड़ती नजर आ रही है. अधिकांश महत्वपूर्ण पद नियमित अधिकारियों के बजाय प्रभार में संचालित हो रहे हैं, जिससे निरीक्षण व्यवस्था, विकास योजनाओं की निगरानी और आम लोगों की समस्याओं के समाधान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.
भागलपुर, गोपालपुर से विपिन ठाकुर की रिपोर्ट
Bhagalpur News : भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड में प्रशासनिक व्यवस्था इन दिनों अधिकारियों की भारी कमी से जूझ रही है. कई अहम विभागों में नियमित पदाधिकारियों की नियुक्ति नहीं होने के कारण कार्यों का संचालन प्रभार के आधार पर किया जा रहा है. इसका सीधा असर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, क्षेत्रीय निरीक्षण और शिकायतों के समयबद्ध निष्पादन पर दिखाई देने लगा है. स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि लंबे समय से रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं.
कई महत्वपूर्ण पद प्रभार में संचालित
प्रखंड में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ), मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ), बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ), प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (बीपीआरओ), सहकारिता पदाधिकारी, विपणन पदाधिकारी (एमओ), सांख्यिकी पदाधिकारी, प्रखंड पशु चिकित्सा पदाधिकारी तथा लोहिया स्वच्छता अभियान के प्रखंड समन्वयक जैसे कई महत्वपूर्ण पद नियमित अधिकारियों के अभाव में प्रभार के भरोसे संचालित हो रहे हैं.
निरीक्षण और क्षेत्र भ्रमण हो रहा प्रभावित
एक ही अधिकारी के पास कई विभागों की जिम्मेदारी होने के कारण नियमित निरीक्षण और क्षेत्रीय दौरे प्रभावित हो रहे हैं. स्थिति यह है कि प्रखंड में मात्र एक कनीय अभियंता पदस्थापित हैं, जबकि अन्य कई विभागों में भी कर्मियों की कमी बनी हुई है. इससे योजनाओं की जमीनी निगरानी कमजोर पड़ रही है.
योजनाओं की समीक्षा पर पड़ रहा असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों की कमी के कारण विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, मनरेगा योजनाओं, जन वितरण प्रणाली और स्वच्छता कार्यक्रमों की समुचित मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है. कई मामलों में शिकायतों के निष्पादन में भी अनावश्यक देरी हो रही है, जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है.
जनप्रतिनिधियों ने उठायी नियुक्ति की मांग
जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार से रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति करने की मांग की है. उनका कहना है कि पर्याप्त संख्या में अधिकारियों की तैनाती होने से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी और आम जनता को सरकारी सेवाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा.
पूर्व सांसद ने दिया पहल का भरोसा
पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल यादव ने कहा कि वह इस मामले को राज्य सरकार के समक्ष उठाएंगे. उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर गोपालपुर प्रखंड में रिक्त पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा.
बेहतर प्रशासन के लिए पदस्थापन जरूरी
स्थानीय लोगों का मानना है कि जब तक प्रखंड स्तर पर सभी विभागों में नियमित अधिकारियों की नियुक्ति नहीं होगी, तब तक योजनाओं की प्रभावी निगरानी और विकास कार्यों का अपेक्षित लाभ जनता तक नहीं पहुंच पाएगा. ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शीघ्र पदस्थापन की मांग तेज होती जा रही है.