मुआवजा दावा नहीं करने वाले रैयतों को अंतिम नोटिस, भू-अर्जन प्रक्रिया में तेजी

Godda Pirpainti Rail Project: गोड्डा-पीरपैंती नई रेल लाइन परियोजना के लिए पीरपैंती अंचल के तीन मौजों के प्रभावित भू-स्वामियों को प्रशासन ने मुआवजा राशि का दावा करने के लिए अंतिम चेतावनी नोटिस जारी किया है.

भागलपुर से ब्रजेश माधुर्य की रिपोर्ट

अंग और संताल परगना क्षेत्र को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी गोड्डा-पीरपैंती नई रेल लाइन निर्माण परियोजना (New Rail Line Project) की राह में आ रहे भू-अर्जन (Land Acquisition) के गतिरोध को दूर करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है. रेलवे के इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रशासन ने उन प्रभावित रैयतों (भू-स्वामियों) को अंतिम अवसर प्रदान किया है, जिन्होंने अब तक मुआवजे के लिए दावा पेश नहीं किया है. आधिकारिक सूचना के मुताबिक, पीरपैंती अंचल के उदयपुरा, रिफादपुर और परसबन्ना मौजा में भूमि अधिग्रहण की यह अंतिम कार्रवाई रेलवे अधिनियम (Railways Act) के तहत की जा रही है.

पहले भी तीन बार जारी हो चुकी है नोटिस, लगे थे कैंप

  • पूर्व की कार्रवाई: रेलवे प्रोजेक्ट के लिए चिह्नित की गई जमीनों के बदले नियमानुसार उचित मुआवजा राशि देने के लिए प्रभावित भू-स्वामियों को पहले भी कई बार आवश्यक दस्तावेज और आवेदन जमा करने के अवसर दिए गए थे. इसके लिए विभाग द्वारा सर्वप्रथम 24 जुलाई 2025 को विधिवत नोटिस जारी किया गया था.
  • स्पेशल कैंप का आयोजन: प्रभावित रैयतों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए संबंधित तीनों मौजों (गांवों) में कई बार विशेष कैंप (शिविर) लगाकर दावा आवेदन प्राप्त करने की कोशिश भी की गई थी.

इसके बावजूद कई भू-स्वामियों द्वारा रुचि न दिखाए जाने पर प्रशासन ने 15 अप्रैल 2026 को दूसरा और फिर 4 जून 2026 को तीसरा नोटिस भी जारी किया. बार-बार दिए गए इन अवसरों के बाद भी कुछ प्रभावित रैयतों की ओर से अब तक कोई आवेदन या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे रेलवे ट्रैक निर्माण की गति प्रभावित हो रही है.

Godda Pirpainti Rail Project: अंतिम चेतावनी: अनदेखी करने वाले रैयतों की सूची जारी

जिला भू-अर्जन कार्यालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी. भू-अर्जन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन भू-स्वामियों ने अब तक अपनी अधिग्रहित भूमि का मुआवजा प्राप्त करने के लिए आवेदन नहीं किया है, वे बिना किसी देरी के आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर लें. प्रशासन द्वारा संबंधित डिफाल्टर रैयतों की एक आधिकारिक सूची भी सार्वजनिक रूप से जारी कर दी गई है. तय समय के भीतर दावा न करने पर विभाग नियमानुसार राशि को सरकारी खाते में जमा कर भूमि पर रेलवे का कब्जा सुनिश्चित करा देगा.

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उल्लेखनीय है कि गोड्डा-पीरपैंती रेल लाइन परियोजना इस पूरे पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी (रेल संपर्क) को सुदृढ़ करने वाली सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है. इसके बन जाने से कोयला ढुलाई के साथ-साथ आम यात्रियों के लिए बिहार और झारखंड का सफर बेहद सुगम हो जाएगा. यही वजह है कि राज्य सरकार इस परियोजना के भूमि अधिग्रहण के विभिन्न चरणों को इस साल के अंत तक हर हाल में अमलीजामा पहनाने के लिए तेजी से कदम बढ़ा रही है.

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Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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