नवगछिया में गंगा और कोसी के जलस्तर में भारी उछाल: निचले इलाकों में फैलने लगा बाढ़ का पानी

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल नवगछिया के अनुसार, गंगा और कोसी नदियों के जलस्तर में अचानक 30-32 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है. जल संसाधन विभाग ने संवेदनशील तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी है. गंगा अपने न्यूनतम स्तर से 3 मीटर ऊपर बह रही है, जबकि कोसी में भी उफान जारी है. निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है, जिससे फसलों को नुकसान का खतरा है. कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और आपात स्थिति से निपटने के लिए बोल्डर व सैंडबैग तैयार रखे गए हैं.

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कार्यालय नवगछिया के अनुसार, पिछले 24 घंटों के भीतर इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध के पास गंगा नदी के जलस्तर में 32 सेंटीमीटर और मदरौनी में कोसी नदी के जलस्तर में 30 सेंटीमीटर की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जलस्तर में अचानक आए इस उफान को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अभियंताओं ने सभी संवेदनशील सुरक्षा तटबंधों पर निगरानी और गश्ती बढ़ा दी है.

न्यूनतम स्तर से 3 मीटर ऊपर बह रही गंगा, जानें क्या है डेंजर लेवल

बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार नदियों की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:

  • गंगा नदी का पैमाना: इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध पर गंगा नदी वर्तमान में 27.22 मीटर पर प्रवाहित हो रही है, जो इसके न्यूनतम जलस्तर (24.00 मीटर) से 3.22 मीटर अधिक है.
  • चेतावनी और खतरे के बिंदु: विभाग के अनुसार यहां वार्निंग लेवल 30.60 मीटर और डेंजर लेवल (खतरे का निशान) 31.60 मीटर निर्धारित है. जबकि इस क्षेत्र में अब तक का उच्चतम जलस्तर 33.50 मीटर रिकॉर्ड किया गया है.

कोसी भी दिखा रही तीखे तेवर, 30 सेमी बढ़ा पानी

गंगा के साथ-साथ कोसी नदी के रौद्र रूप ने भी तटबंध के भीतर बसे लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं:

  1. मदरौनी में उफान: पिछले 24 घंटे में 30 सेंटीमीटर की छलांग लगाने के बाद कोसी नदी मदरौनी में 27.95 मीटर के स्तर पर पहुंच गई है.
  2. निचले इलाकों में अलर्ट: जलस्तर में क्रमिक वृद्धि के कारण दियारा और निचले इलाकों के खेतों में पानी फैलना शुरू हो गया है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है.

सभी संवेदनशील और स्परों पर रखी जा रही है पैनी नजर: कार्यपालक अभियंता

नदियों के बढ़ते जलस्तर और कटाव निरोधक कार्यों की मजबूती को लेकर विभागीय अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है:

"नेपाल और ऊपरी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा और कोसी दोनों ही नदियों के डिस्चार्ज में बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने जैसी कोई बात नहीं है. इस्माईलपुर-बिंद टोली फ्लड फाइटिंग सुरक्षात्मक बांध सहित सभी संवेदनशील स्परों (Spurs) और स्थलों पर विभागीय कनीय व सहायक अभियंताओं की टीम चौबीसों घंटे कैंप कर पैनी नजर रख रही है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में बोल्डर और सैंडबैग तैयार रखे गए हैं." — ई. गौतम कुमार, कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया


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