नवगछिया/गोपालपुर : गंगा और कोसी के उफान से नवगछिया अनुमंडल के गोपालपुर, इस्माईलपुर और रंगरा प्रखंडों में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. मंगलवार को इस्माईलपुर-बिंद टोली में गंगा का जलस्तर बढ़कर 33.38 मीटर पहुंच गया. यह 2021 में दर्ज अब तक के सर्वाधिक 33.50 मीटर जलस्तर से महज 12 सेंटीमीटर कम है.
खतरे का निशान 31.60 मीटर है. इस लिहाज से गंगा यहां खतरे के निशान से करीब 1.78 मीटर ऊपर बह रही है. जलस्तर बढ़ने से इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध समेत आसपास के दियारा इलाकों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है.
एक दिन में 10 सेंटीमीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर
सोमवार को इस्माईलपुर-बिंद टोली में गंगा का जलस्तर 33.28 मीटर दर्ज किया गया था. मंगलवार को यह बढ़कर 33.38 मीटर हो गया. यानी 24 घंटे में जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी.
बाढ़ की स्थिति के मुख्य बिंदु
- इस्माईलपुर-बिंद टोली में गंगा का जलस्तर 33.38 मीटर.
- 2021 के 33.50 मीटर रिकॉर्ड से सिर्फ 12 सेंटीमीटर नीचे.
- खतरे के निशान से 1.78 मीटर ऊपर बह रही गंगा.
- इस्माईलपुर के प्रखंड और अंचल कार्यालय परिसर में घुसा बाढ़ का पानी.
- ब्रह्मोत्तर बांध पर भी बढ़ा पानी का दबाव.
- रंगरा के कई दियारा इलाकों में संपर्क सड़कें डूबीं.
- कई जगह ग्रामीण नाव के सहारे आवागमन करने को मजबूर.
इस्माईलपुर प्रखंड मुख्यालय में घुसा पानी
इस्माईलपुर प्रखंड की स्थिति सबसे चिंताजनक बनी हुई है. पश्चिमी भिट्ठा और पूर्वी भिट्ठा पंचायत समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है. प्रखंड एवं अंचल कार्यालय परिसर में भी पानी प्रवेश कर चुका है, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित होने लगा है.
ग्रामीणों के सामने आवागमन के साथ पशुओं के लिए चारा जुटाने और घरों में रखे जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की चुनौती है.
ब्रह्मोत्तर बांध पर बढ़ा दबाव
गोपालपुर और रंगरा प्रखंडों को बाढ़ से बचाने वाले ब्रह्मोत्तर बांध पर भी पानी का दबाव लगातार बना हुआ है. बांध के संवेदनशील स्थानों पर प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम निगरानी कर रही है.
किसी भी स्थान पर पानी का तेज दबाव या कटाव बढ़ने की स्थिति में तत्काल फ्लड फाइटिंग कार्य शुरू करने की तैयारी रखी गयी है.
रंगरा में सड़कें डूबीं, नाव बनी सहारा
रंगरा प्रखंड के दियारा इलाकों में भी बाढ़ का पानी फैलने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गयी है. कई संपर्क सड़कों पर पानी बहने से आवागमन प्रभावित हुआ है. निचले इलाकों में पानी बढ़ने के कारण ग्रामीणों को नाव के सहारे आवाजाही करनी पड़ रही है.
जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो कई गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका है.
गांवों में बढ़ी चिंता, सामान सुरक्षित करने में जुटे लोग
गोपालपुर, इस्माईलपुर और रंगरा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है. कई परिवार जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं. पशुपालकों के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है, जबकि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवार ज्यादा चिंतित हैं.
फिलहाल प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें तटबंधों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी कर रही हैं. आने वाले समय में गंगा के जलस्तर का रुख और तटबंधों पर बढ़ता दबाव बेहद महत्वपूर्ण होगा.
अब चिंता सिर्फ बाढ़ की नहीं, बल्कि 2021 के ऐतिहासिक जलस्तर का रिकॉर्ड टूटने की है. 33.38 मीटर तक पहुंची गंगा ने तटबंधों और आसपास बसे गांवों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है.
