भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में शनिवार को मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन तटवर्ती इलाकों में बाढ़ और कटाव का खतरा अभी टला नहीं है. दोनों नदियां लगातार उफान पर हैं और क्षेत्र के चार प्रमुख संवेदनशील तटबंधों के 'टो' (निचले हिस्से) को छू रही हैं. इस्माईलपुर-बिंद टोली में गंगा नदी अभी भी खतरे के निशान से 57 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जबकि राघोपुर इलाके में तेज कटाव ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. दूसरी ओर मदरौनी और जेबी चोरहर में कोसी नदी खतरे के निशान के बेहद करीब बनी हुई है, जिससे अगले 24 से 48 घंटे बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं.
इस्माईलपुर-बिंद टोली: खतरे के निशान से 57 सेमी ऊपर गंगा
तटबंध संख्या-7 पर गंगा का रौद्र रूप जारी है:
- ताजा जलस्तर: शनिवार सुबह 6 बजे स्पर संख्या-7 पर गंगा का जलस्तर 32.17 मीटर दर्ज किया गया.
- लाल निशान पार: पिछले माप से 4 सेंटीमीटर की मामूली कमी के बावजूद गंगा खतरे के निशान (31.60 मीटर) से 57 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है.
- तटबंध पर दबाव: जल संसाधन विभाग ने तटबंध को सुरक्षित बताया है, लेकिन पानी तटबंध के टो को लगातार छू रहा है. यदि जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी हुई, तो सुरक्षात्मक ढांचे पर बड़ा दबाव बन सकता है.
राघोपुर: 5 सेमी पानी घटा, लेकिन तेज कटाव ने बढ़ाई तबाही
काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध पर हालात चिंताजनक बने हुए हैं:
- जलस्तर की स्थिति: यहां गंगा का जलस्तर 33.11 मीटर रहा (5 सेमी की कमी), जो खतरे के निशान (33.68 मीटर) से मात्र 57 सेंटीमीटर नीचे है.
- कटाव की दोहरी मार: पानी कम होने के बावजूद नदी का तेज बहाव किनारों को काट रहा है. कटाव की चपेट में आने से कई परिवार पलायन करने को मजबूर हैं और ग्रामीणों में तटबंध टूटने का डर बना हुआ है.
मदरौनी व जेबी चोरहर: खतरे के निशान के करीब पहुंची कोसी
कोसी नदी भी दोनों प्रमुख साइटों पर लगातार दबाव बनाए हुए है:
- मदरौनी तटबंध: यहां कोसी का जलस्तर 31.18 मीटर दर्ज हुआ. खतरे का निशान 31.48 मीटर है, यानी नदी खतरे के निशान से महज 30 सेंटीमीटर नीचे है.
- जेबी चोरहर व बगजान बांध: जेबी चोरहर साइट पर जलस्तर 31.30 मीटर रहा (खतरे का निशान 31.77 मीटर). नगरपारा तटबंध और बगजान जमींदारी बांध के कई संवेदनशील हिस्सों में कोसी का पानी तटबंध के टो तक पहुंच चुका है.
नवगछिया में गंगा और कोसी का ताजा जलस्तर मीटर में
| संवेदनशील स्थल / तटबंध | नदी | वर्तमान जलस्तर | खतरे का निशान (DL) | स्थिति / अंतर |
| इस्माईलपुर-बिंद टोली (स्पर-7) | गंगा | 32.17 मीटर | 31.60 मीटर | +57 सेमी (खतरे के निशान से ऊपर) |
| राघोपुर मार्जिनल बांध | गंगा | 33.11 मीटर | 33.68 मीटर | -57 सेमी (कटाव जारी) |
| मदरौनी | कोसी | 31.18 मीटर | 31.48 मीटर | -30 सेमी (खतरे के बेहद करीब) |
| जेबी चोरहर (नगरपारा/बगजान) | कोसी | 31.30 मीटर | 31.77 मीटर | -47 सेमी (टो पर दबाव) |
अगले 24 से 48 घंटे संवेदनशील, अलर्ट मोड पर विभाग
जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने तटबंधों पर दिन-रात चौकसी बढ़ा दी है. अभियंताओं की टीमें लगातार स्परों और संवेदनशील बिंदुओं की निगरानी कर रही हैं. जानकारों का कहना है कि यदि पहाड़ी इलाकों में बारिश के बाद जलस्तर में फिर से उछाल आया, तो तटबंधों की सुरक्षा के लिए स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकती है.
