Bhagalpur. बिहार सरकार की 12.54 एकड़ जमीन पीरपैंती थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए हुआ नि:शुल्क ट्रांसफर
पीरपैंती थर्मल पावर के लिए हरिणकोल मौजा और सिरमतपुर मौजा से 12.54 एकड़ भूमि ट्रांसफर की गयी है.
Bhagalpur News भागलपुर से संजीव झा की रिपोर्ट :
बिहार सरकार ने जिले के पीरपैंती में थर्मल पावर परियोजना की स्थापना के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार के राजस्व व भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के तहत, इस परियोजना के लिए कुल 12.54 एकड़ भूमि ऊर्जा विभाग को स्थायी रूप से और निःशुल्क ट्रांसफर करने की स्वीकृति दी गयी है. राजस्व व भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज द्वारा जारी इस पत्र के अनुसार, 29 अप्रैल, 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक के मद संख्या-29 में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी थी.
दो मौजों की जमीन शामिल
इस परियोजना के लिए भागलपुर जिले के पीरपैंती अंचल के अंतर्गत दो अलग-अलग मौजों की सरकारी जमीन दी जा रही है. पहली हरिणकोल मौजा से कुल 11.69 एकड़ भूमि ली गयी है. वहीं सिरमतपुर मौजा से कुल 0.85 एकड़ भूमि ट्रांसफर की गयी है. इन दोनों को मिलाकर कुल प्रस्तावित रकबा 12.54 एकड़ है, जो ”बिहार सरकार सर्वसाधारण” की भूमि है.
हस्तांतरण के साथ रखी गयी हैं शर्तें
सरकार ने भूमि हस्तांतरण के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी रखी हैं. यदि भविष्य में थर्मल पावर परियोजना के लिए इस भूमि की उपयोगिता नहीं रह जाती है, तो यह जमीन स्वतः ही राजस्व व भूमि सुधार विभाग को वापस मिल जायेगी. भूमि के उपयोग और अन्य शर्तें ”खास महाल मैनुअल” के प्रावधानों और समय-समय पर जारी राजस्व विभाग के परिपत्रों के अधीन होंगी.
इन विभागों को भेजी गयी सूचना
इस महत्वपूर्ण फैसले की प्रतिलिपि आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी, ऊर्जा विभाग के सचिव, बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भेज दी गयी है. साथ ही इसे विभाग की वेबसाइट पर भी प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया है.
2,400 मेगावाट क्षमता का होगा प्लांट
क्षमता :
यह पावर प्रोजेक्ट कुल 2400 मेगावाट क्षमता का होगा, जिसमें 800 मेगावाट की तीन इकाइयां शामिल होंगी.
तकनीक :
इस प्लांट में आधुनिक ”अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल” तकनीक का उपयोग किया जायेगा.
स्थान :
यह परियोजना भागलपुर जिले के पीरपैंती ब्लॉक के अंतर्गत सिमतपुर, मरियाकोल, मुंडवा उर्फ तुंडवा, सुंदरपुर, मयानगर, पीरपैंती और रायपुर गांवों में स्थित होगी.
सामाजिक उत्तरदायित्व :
इसके तहत क्षेत्र के विकास के लिए 42 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है. इसके माध्यम से स्थानीय स्कूलों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुधार और पौधरोपण गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा.