भागलपुर, सुलतानगंज से शुभंकर की रिपोर्ट,
नगर परिषद सुलतानगंज ने स्वच्छ, हरित और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया. नगर परिषद सभागार में आयोजित उन्मुखीकरण में वार्ड पार्षदों और कर्मियों को पर्यावरण संरक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूकता के बाद नगर परिषद की टीम 7 जून से 12 जून तक सभी वार्डों में घर-घर जाकर विशेष जागरूकता अभियान चलाएगी. इस दौरान नागरिकों को बताया जाएगा कि गीला, सूखा, घरेलू हानिकारक और अन्य प्रकार के कचरे को अलग-अलग रखने से न केवल सफाई व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा.अभियान के तहत लोगों को यह भी समझाया जाएगा कि खुले में कूड़ा जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और यह मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता है. साथ ही नालियों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकने से होने वाली समस्याओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी.वस्तुएं रीसाइक्लिंग सेंटर में जमा करने की अपील
कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने बताया कि विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी. उन्होंने लोगों से पुराने कपड़े, किताबें और अन्य उपयोगी वस्तुएं रीसाइक्लिंग सेंटर में जमा करने की अपील करते हुए कहा कि इससे संसाधनों का पुनः उपयोग होगा और कचरे की मात्रा में कमी आएगी. शनिवार को क्षेत्र भ्रमण और जागरूकता गतिविधियां होगी.स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल सुलतानगंज के निर्माण की बात कहा.जानिए किस डस्टबिन में कौन-सा कचरा
स्वच्छता पदाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार ने कचरा पृथक्करण की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि घरों में चार प्रकार के डस्टबिन रखने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि यदि घर स्तर पर ही कचरे का पृथक्करण किया जाए तो उसका वैज्ञानिक निष्पादन आसान हो जाएगा और शहर को स्वच्छ रखने में बड़ी मदद मिलेगी.-नीला डस्टबिन – सूखा कचरा.
-हरा डस्टबिन – गीला कचरा.-अलग कंटेनर – कांच एवं शीशा.
-भूरा डस्टबिन – नैपकिन एवं अन्य घरेलू अपशिष्ट.