नाथनगर थाना क्षेत्र के लालूचक से लापता पांच नाबालिग लड़कियों को पुलिस ने 12 घंटे के अंदर पटना रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया. इस संदर्भ में सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह में बताया कि बुधवार की देर रात सूचना मिली कि नाथनगर थाना क्षेत्र से पांच नाबालिग बच्चियां लापता हो गयी हैं. मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए छह टीमों का गठन कर तलाश शुरू की गयी. टीम ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड समेत क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की. फुटेज व तकनीकी जांच के आधार पर गुरुवार को शाम चार पटना जीआरपी की मदद से पटना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक से बरामद किया गया. यह हमारी टीम की बड़ी सफलता है. उन्होंने बताया कि देर रात तक टीम सभी नाबालिगों को लेकर भागलपुर पहुंच जाने की संभावना है. इसके बाद पूछताछ के आधार पर इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि इस बात की जानकारी एकत्रित की जा रही है कि इस घटना में कोई गिरोह शामिल है या नहीं.
सिटी एसपी भागलपुर की निगरानी में छह विशेष टीमों का गठन किया गया. इसमें नगर पुलिस उपाधीक्षक-वन, नगर पुलिस उपाधीक्षक-टू और साइबर टीम के नेतृत्व में विश्वविद्यालय थाना, कोतवाली थाना, नाथनगर थाना, मधुसूदनपुर थाना, मोजाहिदपुर थाना और इशाकचक थाना की टीमों को शामिल किया गया था.पहले भी हो चुकी है ऐसी घटनाइससे पहले भी भागलपुर से दो स्कूली छात्राएं लापता हुई थीं. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुंबई से सकुशल बरामद किया था.
अब तक की जांच में मानव तस्करी से नहीं जुड़ा तारवहीं पटना से मिली जानकारी के अनुसार, बच्चियों को पटना रेल पुलिस ने बरामद किया. मामले में अब तक की जांच के बाद पुलिस ने मानव तस्करी की आशंका से इनकार किया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बच्चियों की तलाश के लिए सूचना विभिन्न जिलों और रेल पुलिस के साथ साझा की गयी थी. सूचना प्राप्त होते ही रेल एसपी अनंत कुमार राय के दिशा-निर्देश पर पटना रेल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की.रूट बदलकर अलग-अलग ट्रेनों से पहुंची थीं लड़कियां पटना
पटना जंक्शन जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चियों ने भागलपुर से निकलने के बाद चालाकी से अपना रास्ता बदला था. ये सभी बच्चियां अलग-अलग ट्रेनों का सहारा लेकर और रूट बदलकर पटना पहुंची थीं. पुलिस इन बच्चियों से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि उनके इस तरह घर छोड़ने और अलग-अलग ट्रेनों से पटना आने का मुख्य कारण क्या था. शुरुआती जांच और बच्चियों से की गयी बातचीत के आधार पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला मानव तस्करी से जुड़ा हुआ प्रतीत नहीं होता है.
पांच बच्चियों के गायब होने की सूचना देने पर दारोगा ने कहा, बच्चों का खुद से ख्याल रखा करो
इलाके से पांच बच्चियों की गायब होने के मामले में नाथनगर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया गया है. परिजनों के मुताबिक रात को बच्चियों के गायब होने की जैसे ही जानकारी मिली उनलोगों ने पहले आसपास में खोजबीन किया. नहीं मिलने पर सभी रात दो बजे के करीब नाथनगर थाना पहुंचे. वहां ओडी ड्यूटी में तैनात दारोगा को घटना की जानकारी दी. आराेप है कि दारोगा ने परिजनों से डांटते हुए कहा कि बच्ची घर से कैसे भाग गयी. अपने बच्चों का खुद से खयाल रखा करो. दारोगा ने आगे कहा कि अभी बड़ा बाबू नहीं हैं. जाओ सुबह थाने पर आना और लिख कर आवेदन देना, तब देखेंगे. परिजनों का कहना था कि अगर समय पर पुलिस ने एक्शन लिया रहता तो बच्ची पटना पहुंचने से पहले मिल जाती. परिजनों ने कहा कि भगवान का लाख लाख शुक्र है कि बच्ची सकुशल बरामद हो गयी. जांच करने पहुंचे नगर डीएसपी 2 राकेश कुमार और सिटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी के पास भी परिजनों ने शिकायत की. डीएसपी ने संबंधित पुलिस पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही.
रात 10: 30 में एकसाथ जाते देख पूछने पर बच्चियों ने कहा, भोज खाने जा रहे हैंस्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार रात 10.30 बजे महाशयड्योढ़ी के पास पांचों बच्चियों को एक ग्रामीण ने एकसाथ जाते देखा. उन्होंने पूछा कि इतनी रात वो लोग कहा जा रही हैं, तो बच्चियों के कहा कि दोस्त का बर्थडे है. उसके यहां भोज खाने जा रहे हैं. गुरुवार सुबह जब एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने सिटी 1 और 2 के डीएसपी के साथ कोतवाली, विश्वविद्यालय, तातारपुर, ललमटिया, मधुसुदनपुर, हबीबपुर के थानेदारों को बच्चियों की खोज में लगाया.
पुलिस ने तमाम सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला. इस दौरान एक कैमरे में रात दस बजकर 40 मिनट पर पांचों लड़कियों को लालूचक नरगा मुख्य रोड में बैग लेकर जाते देखा गया. हालांकि उन लड़कियों के साथ कोई अन्य व्यक्ति फुटेज में नहीं दिखा.कुछ बच्चियों ने उन पांचों के साथ जाने से कर दिया था मनाइन बच्चों को किसने व किस उद्देश्य से भागने के लिए प्रेरित किया था, ये जांच का विषय है. एक नाबालिग बच्ची ने बताया कि गायब होनेवाली लडकियों में से एक लड़की ने उसे भी पैसे का लालच देकर अपने साथ चलने के लिए कहा था. उसे बहुत ज्यादा पैसा मिलने की बात कही थी. उससे ये भी कहा गया था कि वह अपना कपड़ा बैग में कर ले. सभी बच्चे शाम को बाहर जायेंगे. वही गुम हुई एक और लडकी के छोटे भाई ने कहा कि बहन ने उसे भी जाने के लिए कहा था. पर उसने मना कर दिया.
बच्चियों ने अपने परिजनों को सोने दिया, फिर आपस में एक-एक कर निकल गयीघर से निकलनेवाली बच्चियों ने पहले अपने-अपने परिजनों को सोने दिया. फिर घर से निकल गयी. गायब होनेवाली बच्चियों में से एक की मां ने बताया कि बेटी को रात आठ बजे दूसरी लड़की बुलाने आयी थी. उससे मिलकर रात 9:00 बजे आयी और पढ़ने बैठी. हमसे बोली कि छत पर बैग ले जा रहे हैं. उसमें किताब रखेंगे. मेरे मन में कुछ आशंका हुई. लेकिन फिर ज्यादा नहीं सोचा. मां ने बताया कि इसके बाद वो लोग सो गये. रात 10:30 बजे बेटी अपने जगह पर नहीं थी. इधर-उधर ढूंढने के बाद करीब चार घंटे बाद रात दो बजे के करीब थाने पहुंचे.एक और बच्ची की मां ने बताया कि बेटी मेरे बगल में ही सोयी थी. पता नहीं कब उठ कर चली गयी. बगल के ही एक आदमी ने जगाया और कहा- देखो तुम्हारी बेटी रात में तीन चार लड़की के साथ कही जा रही थी. महिला ने बताया कि रात दस बजे जगने के साथ अन्य चारों लड़की के घर पर गयी. उसके परिजनों को भी जगाया और मामला बताया.
