bhagalpur news. पांच दिवसीय रामकथा का समापन, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

थाना क्षेत्र के भवनाथपुर स्थित बाबा दुखहरण नाथ मंदिर प्रांगण में मानस सत्संग समिति के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय रामकथा का शुक्रवार को समापन हो गया

थाना क्षेत्र के भवनाथपुर स्थित बाबा दुखहरण नाथ मंदिर प्रांगण में मानस सत्संग समिति के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय रामकथा का शुक्रवार को समापन हो गया. अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. कार्यक्रम का संचालन कौशल दुबे ने किया. अवधधाम से पधारे प्रवचनकर्ता प्रभाकर मिश्रा ने मनुष्य ने क्या खोया और क्या पाया विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य यदि भगवान तक पहुंचना चाहता है तो भाव ही उसका सेतु है. भारत में केवल चरणों की नहीं, बल्कि आचरण की पूजा होती है. समापन दिवस पर स्थानीय कलाकार मनीष कुमार मानस ने भक्ति गीतों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया. कार्यक्रम को सफल बनाने में अंजनी कुंवर, मिथिलेश कुमार, विनय राय, संजीव चौधरी, राजीव कुमार मुन्ना, सदानंद राय मौजूद थे.

एसपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची भागलपुर

अकबरनगर. नगर पंचायत अकबरनगर के श्रीरामपुर में आजाद क्रीडा मैदान के तत्वाधान में आजाद क्रिकेट क्लब के सौजन्य से चल रहे श्रीरामपुर प्रीमियर लीग (सीजन-6) के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में अमन इलेवन भागलपुर की टीम ने इंग्लिश चिचरौन को हराकर फाइनल में अपना स्थान बना लिया. भागलपुर टीम ने 14 ओवर में छह विकेट के नुकसान पर 227 रन बनाया. लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लिश चिचरौन की टीम निर्धारित 14 ओवरों में सात विकेट खोकर 188 रन ही बना पायी. भागलपुर की टीम मैच जीत लिया.

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By ATUL KUMAR

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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