खरीक में आंधी-तूफान का कहर, नाव पलटने से मछुआरे की मौत, फसलों को भारी नुकसान
Bhagalpur News : खरीक में देर रात आए भीषण आंधी-तूफान ने तबाही का मंजर छोड़ दिया. कहीं पेड़ गिरने से सड़कें जाम हो गईं तो कहीं फसलें बर्बाद हो गईं. वहीं अठगामा गंगा घाट पर नाव पलटने से एक मछुआरे की दर्दनाक मौत हो गई.
खरीक, भागलपुर से प्रतिनिधि की रिपोर्ट
खरीक प्रखंड में आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है. केला, आम और लीची की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से आवागमन और बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई. इसी दौरान अठगामा गंगा घाट पर नाव पलटने से एक मछुआरे की मौत हो गई.
अठगामा गंगा घाट पर पलटी नाव
जानकारी के अनुसार भीषण आंधी-तूफान के दौरान छोटी अठगामा गंगा घाट पर नाव पलट गई. हादसे में नाविक और मछुआरे छट्ठू सहनी नाव के नीचे दब गए. सुबह ग्रामीणों ने घाट पर पलटी नाव के नीचे उनका शव दबा हुआ देखा.घटना की जानकारी मिलते ही जिला पार्षद प्रतिनिधि विजय मंडल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से नाव के नीचे दबे मछुआरे को बाहर निकाला. हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी और उनकी मौत हो चुकी थी.
केला, आम और लीची को नुकसान
आंधी-तूफान का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है. तेज हवा और बारिश के कारण केला, आम और लीची की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. किसानों का कहना है कि पेड़ों से बड़ी संख्या में फल टूटकर गिर गए, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई है.
सड़क पर गिरे पेड़, आवागमन बाधित
तेज तूफान के कारण कई जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ सड़क पर गिर पड़े, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया. ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
बिजली व्यवस्था भी हुई ठप
आंधी के दौरान बिजली के तार और खंभे टूटकर गिर गए, जिससे इलाके की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई. कई गांवों में घंटों तक बिजली नहीं रहने से लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी.
प्रशासन को दी गई सूचना
घटना के बाद जिला पार्षद प्रतिनिधि विजय मंडल ने प्रवीण कुमार वत्स तथा खरीक और परबत्ता पुलिस को सूचना दी. प्रशासनिक स्तर पर नुकसान का आकलन और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.