सुलतानगंज में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा के लिए चिह्नित की गयी जमीन के विरोध में शुक्रवार को रैयत जमीन मालिकों व किसानों ने चिह्नित स्थल पर प्रदर्शन किया. धरना पर बैठे किसानों ने एक स्वर में कहा कि यह जमीन कृषि योग्य है और किसी भी सूरत में हवाई अड्डा निर्माण के लिए नहीं दी जायेगी. किसानों ने कहा कि जिस भूमि को हवाई अड्डा के लिए चिह्नित किया गया है, उसी पर वह खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. सीएम के नाम दर्जनों किसान का हस्ताक्षर युक्त आवेदन में बताया कि सरकार की ओर से सिंचाई के लिए बोरिंग व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं. ऐसे में इस जमीन के अधिग्रहण से उनका जीवन संकट में पड़ जायेगा. धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने कहा कि यदि सरकार को हवाई अड्डा बनाना ही है, तो सुलतानगंज क्षेत्र में उपलब्ध अनुपयोगी भूमि पर निर्माण कराया जाए, जिसमें वह पूरा सहयोग करेंगे. उपजाऊ कृषि भूमि का व्यवसायीकरण किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जायेगा. किसानों ने आशंका जतायी कि मुआवजा लेने से वह भूमिहीन हो जाएंगे और उनके बच्चों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो जायेगी. महिला किसानों ने भी धरना में भाग लेते हुए कहा कि उन्हें मुआवजा नहीं चाहिए, जमीन ही उनका सहारा है. किसानों ने आरोप लगाया कि जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया गलत तरीके से की गयी है. उन्होंने यह भी बताया कि पहले फोरलेन सड़क निर्माण में उनकी जमीन ली जा चुकी है और अब हवाई अड्डा के लिए जमीन लेने से उनकी रोजी-रोटी पूरी तरह छिन जायेगी. किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जबरन या बलपूर्वक जमीन अधिग्रहण का प्रयास किया गया तो वह उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे. किसानों ने स्पष्ट कहा कि किसी भी सूरत में इस कृषि योग्य भूमि पर हवाई अड्डा नहीं बनने दिया जायेगा.
ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा के विरोध में किसानों का धरना, कृषि भूमि देने से इनकार
ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा के लिए चिह्नित की गयी जमीन के विरोध में शुक्रवार को रैयत जमीन मालिकों व किसानों ने चिह्नित स्थल पर प्रदर्शन किया.
