bhagalpur news. किसान खेत की जान और देश की शान - कृषि मंत्री

राष्ट्रीय किसान मेला 2026 के दूसरे दिन मंगलवार को बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में प्रमुख आकर्षण पशु प्रदर्शनी रही

राष्ट्रीय किसान मेला 2026 के दूसरे दिन मंगलवार को बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में प्रमुख आकर्षण पशु प्रदर्शनी रही. इसमें विभिन्न नस्लों के कुत्तों जर्मन शेफर्ड, पामेलिया, गोबरमैन, लैब्राडोर के साथ खरगोश, मुर्गा मुर्गी, कबूतर एवं अन्य पशु पक्षियों का प्रदर्शन किया गया. हिमालयन एवं पार्शियल बिल्ली ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया. लोगों के आकर्षण का केंद्र एक वोट कार्ड या बकरी गाड़ी थी, जिसे बैलगाड़ी की तरह बकरी छोटी सी गाड़ी भली भांति चलाते हुए नजर आई. अच्छे नस्ल के घोड़े ने भी लोगों को खूब लुभाया. बिहार सरकार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव एवं ग्रामीण विकास सह परिवहन मंत्री श्रवण कुमार मंच पर उपस्थित हुए. साथ ही मंच पर विराजमान भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल, बिहार विधान परिषद स्नातक सदस्य डॉ एनके यादव, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया. सभी अतिथियों का स्वागत सिंदूर के पौधे एवं अंगवस्त्र देकर किया गया. अतिथियों के स्वागत के लिए जीआइ टैग प्राप्त उत्पाद मखाना गीत शिवानी कुमारी वर्ग तीन की छात्रा ने मंच पर अपनी प्रस्तुति से दर्शकों और मंच पर उपस्थित अतिथियों का दिल जीत लिया. मखाना से संबंधित गुण और बिहार की गौरव का बखान करते हुए अपने लोकगीत के माध्यम से एक अलग पहचान बना रही है. इनके पिता बीएयू सबौर के मीडिया शेल में कार्यरत इंजीनियर शालिग्राम यादव ने अपने देखरेख में बच्ची को प्रेरित किया. साथ ही अतिथियों ने विभिन्न प्रकार के आकर्षक फूलों का अवलोकन किया तथा उद्यान एवं कृषि मंडप का निरीक्षण किया. उन्होंने बिहार कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किए जा रहे अनुसंधानों को देखा और उनकी सराहना की. मेले का एक विशेष आकर्षण नील गाय पर चल रहे शोध रहा. अतिथियों ने नीलगाय के व्यवहार परिवर्तन का अवलोकन किया और उन्हें अपनी हाथों से बिस्किट भी खिलाया. कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं बल्कि किसान खेत की जान और देश की शान हैं. बिहार की 76 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में कृषि से जुड़ी है. इसलिए किसानों की समृद्धि ही राज्य की समृद्धि का आधार है. ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि किसानों की आय वृद्धि के लिए उन्नत तकनीक एवं कृषि आधारित उद्योगों का समावेश अत्यंत आवश्यक है. जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच अनुसंधान आधारित समाधान और प्रशिक्षण ही स्थाई विकास का आधार है. विश्वविद्यालय द्वारा इस दिशा में किये जा रहे कार्यों की सराहना की. मेले के दूसरे दिन कुलपति प्रो डॉ दुनिया राम सिंह ने कहा कि देश के विकास के लिये राज्यों का विकास आवश्यक है और बिहार का विकास किसानों की उन्नति से ही संभव है. विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक नई तकनीक के विकास में निरंतर जुटे हुए है. किसानों को दिया गया कृषि उद्यमी सम्मान

कार्यक्रम के दौरान कृषि उद्यमी सम्मान भी प्रदान किये गए, जिसमें खगड़िया की इंदू कुमारी, बांका की रिंकू देवी, जमुई के अर्जुन मंडल, रोहतास के उत्कर्ष सिंह, भागलपुर के चंदन कुमार, मुंगेर के राजेश कुमार एवं अन्य प्रगतिशील किसान शामिल रहे. बीएयू सबौर के छात्रों द्वारा जीआइ टैग उत्पादों पर आधारित रैंप वॉक प्रस्तुत किया गया. जिसमें मखाना, जर्दालू आम, मगही पान, कतरनी धान, शाही लीची के साथ संभावित जीआइ उत्पाद जैसे ठेकुआ, तिलोरी, लिट्टी चोखा एवं खाजा को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया. इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित एआई फिल्म उन्नत कृषि उज्जवल भविष्य का भी लोकार्पण किया गया.

मखाना बोलेगा और बिहार जागेगा के विजेता घोषित

कार्यक्रम के दौरान मखाना बोलेगा और बिहार जागेगा प्रतियोगिता के विजेताओं की भी घोषणा की गई, जिसमें मखाना पर सबसे अच्छे गीत, कविता और कथन लिखने वाले एवं छोटी बच्ची जिन्होंने मखाना गीत को मंच पर अपनी प्रस्तुति दी. साथ ही नवाचारी वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया. जिनमें डॉ अहमद आफताब, डॉ आरपी निराला, डॉ शिवनाथ दास, डॉ शाजिदा बानो, डॉ चंदन कुमार पांडा, डॉ सरिता नाहपकम, डॉ आदित्य कुमार एवं डॉ अनिल कुमार शामिल रहे. डॉ दीपक पटेल को प्रतिष्ठित डॉक्टर जी त्रिवेदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में स्वागत भाषण निदेशक शोध डॉ अनिल कुमार सिंह ने एवं धन्यवाद ज्ञापन निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ एसके पाठक ने किया.

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By ATUL KUMAR

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