bhagalpur news. प्रथम मेधा सूची से नामांकन लेने के बाद 12 छात्राओं का नामांकन रद्द, अब शुल्क वापस करने का आश्वासन

एसएम कॉलेज में पीजी सत्र 2025-27 सेमेस्टर वन में नामांकित 12 छात्राओं का नामांकन रद्द करने का मामला तूल पकड़ने लगा है

एसएम कॉलेज में पीजी सत्र 2025-27 सेमेस्टर वन में नामांकित 12 छात्राओं का नामांकन रद्द करने का मामला तूल पकड़ने लगा है. इस बाबत नामांकित एक छात्रा ने डीएसडब्ल्यू से शनिवार को लिखित शिकायत की है. छात्रा मासूम प्रिया ने दिये आवेदन में कहा कि प्रथम मेधा सूची से नामांकन लिया. अब कॉलेज प्रशासन रद्द कर शुल्क वापस करने की बात कह रहा है. कहा कि शनिवार को एसएम कॉलेज के पीजी इतिहास विभाग में क्लास करने गये थे, जहां क्लास करने से मना कर दिया गया. साथ ही कहा कि नामांकन रद्द कर दिया गया है. रसीद लेकर आना नामांकन शुल्क वापस कर दिया जायेगा.

नामांकन रद्द वाली सूची पर प्राचार्य का हस्ताक्षर नहीं

छात्रा ने आवेदन में कहा कि नामांकन रद्द वाली सूची पर प्राचार्य का आदेश तक नहीं है. केवल एक कर्मी द्वारा सूची पर हस्ताक्षर कर चिपका दिया गया है. छात्रा ने कहा कि सारे नियम का पालन करते हुए नामांकन लिया गया है. अब अचानक से कॉलेज प्रशासन नामांकन रद्द करने की बात कही जा रही है. कहा कि नामांकन शुल्क वापस नहीं लेंगे, बल्कि नामांकन चाहिए.

अर्थशास्त्र ऑनर्स नामांकन लिया इतिहास में

छात्रा का पार्ट थ्री में ऑनर्स विषय अर्थशास्त्र है, लेकिन पीजी में इतिहास में नामांकन लिया है. कॉलेज के नामांकन कमेटी का कहना कि छात्रा ने गलत विषय भर कर नामांकन कराया. नियामानुसार गलत है. उधर, छात्रा ने कहा कि अगर आवेदन में गलत विषय भरा गया, तो उसी में सुधार हो सकता था या आवेदन रद्द हो सकता था, लेकिन अंक प्रतिशत व सारे चीजों को सही मानते हुए ही इतिहास के मेधा सूची में सबसे ऊपर नाम था. उसी आधार पर कॉलेज प्रशासन ने नामांकन भी लिया था.

नामांकन रद्द की मांगी जा रही रिपोर्ट – डीएसडब्ल्यू

विवि की डीएसडब्ल्यू प्रो अर्चना कुमारी साह ने कहा कि पीजी में नामांकन रद्द किये जाने के कई छात्राओं ने लिखित शिकायत की है. ऐसे में कॉलेज प्रशासन को पत्र भेजा जा रहा है. जिसमें पूछा जायेगा कि नामांकन किस आधार पर रद्द किया गया है. छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ क्यों हो रहा है. फिर उन छात्राओं का मेधा सूची में नामांकन कैसे आया. कहा कि पूरे मामले में कॉलेज प्रशासन से स्पष्ट रूप से रिपोर्ट मांगी गयी है. कहा कि मामले में पहले कॉलेज प्रशासन को पत्र भेज जानकारी मांगी गयी थी, जिस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली थी.

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Author: ATUL KUMAR

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