bhagalpur news. खाद्य तेल, कागज, इलेक्ट्रिकल गुड्स पर महंगाई की मार

आमलोगों के लिए जरूरी सामान खाद्य तेल पाम ऑयल, कागज, इलेक्ट्रिकल गुड्स आदि की कीमत बढ़ गयी.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का असर भागलपुर में भी दिखने लगा है. यह एलपीजी की कीमत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके अलावा आमलोगों के लिए जरूरी सामान खाद्य तेल पाम ऑयल, कागज, इलेक्ट्रिकल गुड्स आदि की कीमत बढ़ गयी. इस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारी रहे व थोक किराना कारोबारी रुपेश वैद् ने बताया कि पाम तेल का ज्यादातर आयात तेल इंडोनेशिया और मलेशिया से आता है. यह तेल मंगाने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज रूट का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता है. ब्राजील और अर्जेटीना से सोया तेल मंगाया जाता है. तेल लाने वाले जहाज भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से नहीं गुजरते हैं. लेकिन जियो पॉलिटिकल टेंशन की वजह से इंटरनेशनल मार्केट में खाद्य तेल महंगा हुआ है. इसका असर भारत में कीमतों पर दिख रहा है. भारत अपनी जरूरत का करीब 60 परसेंट खाने का तेल विदेशों से खरीदता है. इसमें सबसे ज्यादा पाम तेल की हिस्सेदारी होती है. इसके बाद सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल का नंबर आता है. सोया तेल व पाम तेल की कीमत प्रति लीटर छह से आठ रुपये तक बढ़ गयी है. सामान्य पाम तेल जहां 97-98 रुपये लीटर से बढ़कर 103 रुपये लीटर हो गये हैं, जबकि ब्रांडेड की कीमत इससे अधिक है. वहीं सामान्य सोया तेल 115 से बढ़कर 122 रुपये लीटर हो गये. ब्रांडेड में 135 व 160 रुपये लीटर से बढ़कर 145 व 170 रुपये लीटर हो गया, जबकि पामोलिन ऑयल 147 से बढ़कर 155 रुपये हो गये. वहीं स्टेशनरी व इलेक्ट्रिकल आइटम के थोक कारोबारी गोपाल खेतड़ीवाल ने बताया कि कागज की कीमत कैमिकल के कारण बढ़ गयी. सारा कैमिकल विदेश से आता है. इससे कागज की कीमत 15 प्रतिशत, तो इलेक्ट्रिकल गुड्स की कीमत 25 प्रतिशत व पीवीसी आइटम की कीमत 25 प्रतिशत तक बढ़ गयी है.

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Published by: Nishi ranjan thakur

निशिरंजन ठाकुर मुख्यधारा की पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक समय से सक्रिय. साहित्यिक विषयों में भी गहरी रूचि. खबरों में तथ्य के साथ मानवीय संवेदना और भाषा की सादगी को अहम मानते हैं.

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